भारतवंशी वरुण घोष बने ऑस्ट्रेलिया में सीनेटर,संसद में भगवद् गीता पर हाथ रखकर ली शपथ

भारतीय मूल के बैरिस्टर वरुण घोष (Varun Ghosh) ऑस्ट्रेलियाई में नए सीनेटर बने हैं. उन्होंने संसद में भगवद् गीता पर हाथ रखकर शपथ ली. ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने वरुण घोष का स्वागत करते हुए कहा, "लेबर सीनेट टीम में आपका होना अद्भुत है." विदेश मंत्री पेनी वोंग ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया से हमारे नए सीनेटर वरुण घोष का स्वागत है. सीनेटर घोष भगवद गीता पर शपथ लेने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई सीनेटर हैं. मैंने अक्सर कहा है, जब आप किसी चीज़ में प्रथम होते हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करना होता है कि आप पीछे नहीं हैं.साथ ही उन्होंने लिखा कि मैं जानती हूं कि सीनेटर घोष अपने समुदाय और पश्चिम आस्ट्रेलियाई लोगों के लिए एक मजबूत आवाज बनेंगे. 

ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने भी वरुण घोष को शुभकामनाएं दीं.उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया से हमारे नए सीनेटर वरुण घोष का स्वागत है. टीम में आपका होना शानदार है."

वरुण घोष पर्थ के एक वकील हैं. उन्होंने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय से कला और कानून में डिग्री प्राप्त की और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई की. उन्होंने पहले न्यूयॉर्क में एक वकील के रूप में और वाशिंगटन, डीसी में विश्व बैंक के लिए एक सलाहकार के रूप में काम किया था.

वरुण घोष की राजनीतिक यात्रा तब शुरू हुई जब वह पर्थ में ऑस्ट्रेलिया की लेबर पार्टी में शामिल हुए. वह सिर्फ 17 साल के थे जब उनके माता-पिता 1980 के दशक में भारत से चले गए थे.  वरुण घोष ने एक बयान में कहा कि मुझे अच्छी शिक्षा का सौभाग्य मिला है और मेरा दृढ़ विश्वास है कि उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रशिक्षण हर किसी के लिए उपलब्ध होना चाहिए. 



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