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Showing posts from October, 2024

पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर के बाहर फायरिंग, कनाडा पुलिस ने एक शख्स को किया गिरफ्तार

कनाडा में पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर के बाहर फायरिंग मामले में कनाडा पुलिस (Canadian Police) ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है. पुलिस की तरफ से दावा किया गया है कि गिरफ्तार शख्स भारतीय है. पुलिस की तरफ से कहा गया है कि गिरफ्तार शख्स अभिजीत किंगरा है जिसे ओंटारियो से गिरफ्तार किया गया है. कनाडा पुलिस की तरफ से कहा गया है कि उसे एक अन्य शख्स की तलाश है जिसका नाम विक्रम शर्मा है जो फिलहाल इंडिया में है. कनाडा पुलिस के पास विक्रम शर्मा की तस्वीर नहीं है. क्या है पूरा मामला?  2 सितंबर 2024 को Colwood इलाके में फायरिंग हुई थी. फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस,गोल्डी और रोहित गोदारा गैंग ने ली थी. घटना की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से ली गयी थी. उसी समय कनाडा में एक ज्वैलर के घर भी फायरिंग हुई थी, उसकी जिम्मेदारी भी इसी गैंग ने ली थी. उस मामले की जांच भी कनाडा पुलिस कर रही है. हमले का वीडियो हुआ था वायरल एपी ढ‍िल्‍लों के घर के बाहर फायरिंग का एक कथ‍ित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. हमले की ज‍िम्‍मेदारी वाले कथित पोस्ट में लिखा गया था कि 'राम राम जी स...

डोनाल्ड ट्रंप अगर चुनाव हारे तो क्या करेंगे, जानिए उनके पास कौन से विकल्प हैं?

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अमेरिकी के राष्ट्रपति चुनाव में महज 3 दिन बाकी (US Election) बचे हैं. 4 नवंबर को चुनाव है. डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trum) और कमला हैरिस के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है. दोनों ही रैलियों के जरिए वोटर्स से अपनी आखिरी अपील करने में जुटे हैं. लेकिन एक बात जो अमेरिकी वोटर्स और पॉलिटिकल ऑब्जर्वर्स को परेशान कर रही है, वह यह है कि अगर कमला हैरिस जीत गईं तो क्या होगा.  ट्रंप आखिर क्या करेंगे. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ये दावा करते रहे हैं कि अगर उनको चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा तो ये सिर्फ डेमोक्रेटिक हस्तक्षेप की वजह से होगा. इससे यह चिंता बढ़ गई है कि ट्रंप फिर से रिजल्ट पर संदेह जता सकते हैं, ऐसा ही उन्होंने साल 2020 में किया था. उन्होंने जो बाइडेन की जीत को चुनौती देने की कोशिश की थी. ये भी पढ़ें- अमेरिकी राषट्रपति चुनाव में ट्रंप बनाम हैरिस : क्या कह रहा मतदाता ट्रंप ने सितंबर में मिशिगन में हुई रैली में कहा था, ''अगर मैं हारा तो मैं आपको बताऊंगा कि यह क्यों संभव हुआ, क्योंकि वे धोखा देते हैं. हमें हराने का यही एकमात्र तरीका है." अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव के लि...

डोनाल्ड ट्रंप अगर चुनाव हारे तो क्या करेंगे, जानिए उनके पास कौन से विकल्प हैं?

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अमेरिकी के राष्ट्रपति चुनाव में महज 3 दिन बाकी (US Election) बचे हैं. 4 नवंबर को चुनाव है. डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trum) और कमला हैरिस के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है. दोनों ही रैलियों के जरिए वोटर्स से अपनी आखिरी अपील करने में जुटे हैं. लेकिन एक बात जो अमेरिकी वोटर्स और पॉलिटिकल ऑब्जर्वर्स को परेशान कर रही है, वह यह है कि अगर कमला हैरिस जीत गईं तो क्या होगा.  ट्रंप आखिर क्या करेंगे. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ये दावा करते रहे हैं कि अगर उनको चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा तो ये सिर्फ डेमोक्रेटिक हस्तक्षेप की वजह से होगा. इससे यह चिंता बढ़ गई है कि ट्रंप फिर से रिजल्ट पर संदेह जता सकते हैं, ऐसा ही उन्होंने साल 2020 में किया था. उन्होंने जो बाइडेन की जीत को चुनौती देने की कोशिश की थी. ये भी पढ़ें- अमेरिकी राषट्रपति चुनाव में ट्रंप बनाम हैरिस : क्या कह रहा मतदाता ट्रंप ने सितंबर में मिशिगन में हुई रैली में कहा था, ''अगर मैं हारा तो मैं आपको बताऊंगा कि यह क्यों संभव हुआ, क्योंकि वे धोखा देते हैं. हमें हराने का यही एकमात्र तरीका है." अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव के लि...

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024: अमेरिका के पूंजीपति कर रहे किसका समर्थन, कमला हैरिस या डोनाल्ड ट्रंप

Donald Trump Vs Kamala Harris in US Presidential election: अमेरिका में इन दिनों अगले राष्ट्रपति के लिए चुनावी प्रक्रिया जारी है. कुछ ही दिनों में वोटिंग होने वाली है. मुकाबला दो दलों के नेताओं के बीच हैं. डेमोक्रैट्स की ओर से कमला हैरिस और रिपब्लिकन की ओर डोनाल्ड ट्रंप चुनाव में जीत के लिए लोगों के बीच चुनावी रैलियां कर रहे हैं. 5 नवंबर को दोनों की किस्मत का फैसला बैलेट बॉक्स में बंद हो जाएगा. ज्यादातर प्रमुख अमेरिका की मीडिया में कमला हैरिस को बढ़त बताई जा रही है. लेकिन कुछ मीडिया हाउसेस में  डोनाल्ड ट्रंप को आगे दिखाया  जा रहा है. इतना ही नहीं कुछ सर्वे भी आ रहे जिनमें कांटे की टक्कर दिखाई जा रही है.  एलन मस्क का खुला समर्थन ऐसे में देश के पूंजीपति किसका समर्थन कर रहे हैं इसे भी देखना जरूरी हो जाता है. पूर्व राष्ट्रपति के समर्थन में देश के शीर्ष अरबपति हैं. इनमें टेस्ला के सीईओ एलन मस्क सबसे आगे हैं. मस्क ने साल की शुरुआत में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था. इतना ही नहीं उनका समर्थन इतना खुला है कि वो ट्रंप की रैलियों में भी दिख रहे हैं.  क्...

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024: अमेरिका के पूंजीपति कर रहे किसका समर्थन, कमला हैरिस या डोनाल्ड ट्रंप

Donald Trump Vs Kamala Harris in US Presidential election: अमेरिका में इन दिनों अगले राष्ट्रपति के लिए चुनावी प्रक्रिया जारी है. कुछ ही दिनों में वोटिंग होने वाली है. मुकाबला दो दलों के नेताओं के बीच हैं. डेमोक्रैट्स की ओर से कमला हैरिस और रिपब्लिकन की ओर डोनाल्ड ट्रंप चुनाव में जीत के लिए लोगों के बीच चुनावी रैलियां कर रहे हैं. 5 नवंबर को दोनों की किस्मत का फैसला बैलेट बॉक्स में बंद हो जाएगा. ज्यादातर प्रमुख अमेरिका की मीडिया में कमला हैरिस को बढ़त बताई जा रही है. लेकिन कुछ मीडिया हाउसेस में  डोनाल्ड ट्रंप को आगे दिखाया  जा रहा है. इतना ही नहीं कुछ सर्वे भी आ रहे जिनमें कांटे की टक्कर दिखाई जा रही है.  एलन मस्क का खुला समर्थन ऐसे में देश के पूंजीपति किसका समर्थन कर रहे हैं इसे भी देखना जरूरी हो जाता है. पूर्व राष्ट्रपति के समर्थन में देश के शीर्ष अरबपति हैं. इनमें टेस्ला के सीईओ एलन मस्क सबसे आगे हैं. मस्क ने साल की शुरुआत में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था. इतना ही नहीं उनका समर्थन इतना खुला है कि वो ट्रंप की रैलियों में भी दिख रहे हैं.  क्...

'यह भेदभावपूर्ण और अपमानजनक है', कनाडा के विपक्षी नेता के दिवाली कार्यक्रम रद्द करने पर भड़के लोग

कनाडा के विपक्षी नेता पियरे पोइलिवरे ने ओटावा के पार्लियामेंट हिल में होने वाले दिवाली समारोह को रद्द कर दिया है, जिस पर भारतीय समुदाय ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. यह कदम दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव और बिगड़ते संबंधों के बीच आया है - खासकर कनाडा द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद कि भारतीय राजनयिक खालिस्तानियों को निशाना बनाने में शामिल थे. देखा जाए तो कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पोइलिवरे ने दिवाली से ठीक पहले कार्यक्रम में ना जाने का फैसला लिया है. इससे कार्यक्रम के आयोजक निराश हैं और उन्होंने इस फैसले के लिए कनाडाई नेता की कड़ी आलोचना की है.  क्या है पूरा मामला? दिवाली कार्यक्रम के आयोजक, शिव भास्कर - जो ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ इंडिया कनाडा (ओएफआईसी) के अध्यक्ष भी हैं, के अनुसार उन्हें समारोह रद्द करने के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला. कार्यक्रम बुधवार (30 अक्टूबर) को कंजर्वेटिव सांसद टॉड डोहर्टी द्वारा आयोजित किया जाना था. अब ये कार्यक्रम नहीं किया जाएगा. भास्कर ने कहा कि पियरे पोइलिएवरे का दिवाली कार्यक्रम रद्द करना असंवेदनशील और भेदभावपूर्ण है और उनको इसके लिए माफी मा...

'यह भेदभावपूर्ण और अपमानजनक है', कनाडा के विपक्षी नेता के दिवाली कार्यक्रम रद्द करने पर भड़के लोग

कनाडा के विपक्षी नेता पियरे पोइलिवरे ने ओटावा के पार्लियामेंट हिल में होने वाले दिवाली समारोह को रद्द कर दिया है, जिस पर भारतीय समुदाय ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. यह कदम दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव और बिगड़ते संबंधों के बीच आया है - खासकर कनाडा द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद कि भारतीय राजनयिक खालिस्तानियों को निशाना बनाने में शामिल थे. देखा जाए तो कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पोइलिवरे ने दिवाली से ठीक पहले कार्यक्रम में ना जाने का फैसला लिया है. इससे कार्यक्रम के आयोजक निराश हैं और उन्होंने इस फैसले के लिए कनाडाई नेता की कड़ी आलोचना की है.  क्या है पूरा मामला? दिवाली कार्यक्रम के आयोजक, शिव भास्कर - जो ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ इंडिया कनाडा (ओएफआईसी) के अध्यक्ष भी हैं, के अनुसार उन्हें समारोह रद्द करने के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला. कार्यक्रम बुधवार (30 अक्टूबर) को कंजर्वेटिव सांसद टॉड डोहर्टी द्वारा आयोजित किया जाना था. अब ये कार्यक्रम नहीं किया जाएगा. भास्कर ने कहा कि पियरे पोइलिएवरे का दिवाली कार्यक्रम रद्द करना असंवेदनशील और भेदभावपूर्ण है और उनको इसके लिए माफी मा...

लेबनान के विश्वविद्यालय से BSC, फ्रेंच समेत कई भाषाओं का जानकार, पढ़ें कौन है हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम

हिजबुल्लाह प्रमुख नसरल्लाह के खात्मे के बाद इस आंतकी संगठन को एक नया आका मिल गया है. नसरल्लाह के बाद अब इस आतंकी संगठन की कमान नईम कासिम के हाथों में सौंपी गई है. नईम कासिम हिजबुल्लाह की कमान संभालने से पहले हिजबुल्लाह के डिप्टी चीफ की जिम्मेदारी निभाते रहे थे. बताया जा रहा है कि नईम कासिम नसरल्लाह के बाद इस संगठन को और मजबूत करने क लिए काम कर सकता है. आखिर क्यों नईम कासिम को दी गई ये जिम्मेदार ?  नसरल्लाह की तरह ही नई कासिम को भी बेहद खतरनाक माना जाता है. वह हिजबुल्लाह को और मजबूत बनाने और नई नई रणनीति पर काम करने के लिए जाना जाता रहा है. आपको बता दें कि नईम को हिजबुल्लाह का दूसरा सबसे अहम आतंकी माना जाता रहा है. अब जब नसरल्लाह इजरायल के हमले में ढेर कर दिया गया है तो इस संगठन की जिम्मेदारी अब नईम के हाथों में आ गई है. कहा जाता है कि वह संगठन को और मजबूत करने के लिए काफी इच्छुक दिख रहा था इस वजह से भी उसे ये बड़ी जिम्मेदारी दी गई है.  हिजबुल्लाह के संस्थापक सदस्यों में से एक रहा है नईम मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नईम कासिम हिजबुल्लाह के संस्थापक सदस्यों में से एक रहा है. उ...

इस्लामिक NATO में आतंकियों के पनाहगार PAK का क्या काम? 25 देशों के संगठन का भारत पर क्या होगा असर

आतंकवाद और दूसरी चुनौतियों से निपटने के लिए दुनिया के 25 से ज्यादा मुस्लिम देश अमेरिका के सहयोगी संगठन NATO यानी नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन की तर्ज पर एक नया संगठन बनाने की तैयारी कर रहे हैं. इस्लामिक NATO में सऊदी अरब, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, बहरीन, तुर्की, मिस्र, बांग्लादेश, मलेशिया और अफगानिस्तान जैसे देश शामिल हो सकते हैं. इस्लामिक NATO का लक्ष्य भले ही आतंकवाद से लड़ना हो, लेकिन पाकिस्तान जैसा देश जिस संगठन का अहम सदस्य होगा, उसका आतंक पर क्या रुख होगा, ये पूरी दुनिया को मालूम है.  आइए समझते हैं क्या है इस्लामिक NATO? इसे बनाने की जरूरत क्यों पड़ रही है? टेरर फंडिग करने वाले और आतंकियों के पनाहगार पाकिस्तान के इसमें शामिल होने से क्या नुकसान होगा? असली NATO के रहते हुए इस्लामिक NATO कितना हकीकत और कितना फसाना साबित होगा:- पहले असली NATO के बारे में जानिए? यूरोप और उत्तरी अमेरिका में NATO के 32 सदस्य हैं. इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन और तुर्किए शामिल हैं. इनका मकसद एक दूसरे की सामरिक मदद करना है. अब उसी रास्ते पर कुछ मुस्...

इस्लामिक NATO में आतंकियों के पनाहगार PAK का क्या काम? 25 देशों के संगठन का भारत पर क्या होगा असर

आतंकवाद और दूसरी चुनौतियों से निपटने के लिए दुनिया के 25 से ज्यादा मुस्लिम देश अमेरिका के सहयोगी संगठन NATO यानी नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन की तर्ज पर एक नया संगठन बनाने की तैयारी कर रहे हैं. इस्लामिक NATO में सऊदी अरब, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, बहरीन, तुर्की, मिस्र, बांग्लादेश, मलेशिया और अफगानिस्तान जैसे देश शामिल हो सकते हैं. इस्लामिक NATO का लक्ष्य भले ही आतंकवाद से लड़ना हो, लेकिन पाकिस्तान जैसा देश जिस संगठन का अहम सदस्य होगा, उसका आतंक पर क्या रुख होगा, ये पूरी दुनिया को मालूम है.  आइए समझते हैं क्या है इस्लामिक NATO? इसे बनाने की जरूरत क्यों पड़ रही है? टेरर फंडिग करने वाले और आतंकियों के पनाहगार पाकिस्तान के इसमें शामिल होने से क्या नुकसान होगा? असली NATO के रहते हुए इस्लामिक NATO कितना हकीकत और कितना फसाना साबित होगा:- पहले असली NATO के बारे में जानिए? यूरोप और उत्तरी अमेरिका में NATO के 32 सदस्य हैं. इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन और तुर्किए शामिल हैं. इनका मकसद एक दूसरे की सामरिक मदद करना है. अब उसी रास्ते पर कुछ मुस्...

US Presidential Elections 2024: कैसी राष्ट्रपति बनने का सपना देख रहीं कमला हैरिस, जानें प्रतिज्ञा

अमेरिका की सियासत की तस्वीर महज 6 दिन बाद बदल जाएगी. अमेरिका में 4 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Elections 2024) है. रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप या डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस, कौन बनेगा राष्ट्रपति, ये भी साफ हो जाएगा. हालांकि दोनों ही नेताओं के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है. ट्रंप और कमला हैरिस (Kamala Harris), दोनों ने ही चुनाव जीतने के लिए पूरा दम-खम लगा दिया है. लेकिन कमला हैरिस का दावा है कि वह बिल्कुल वैसी ही राष्ट्रपति बनेंगी, जैसा कि अमेरिका के लोगों ने सपना देखा है. "वैसी ही राष्ट्रपति बनने की प्रतिज्ञा करती हूं" अमेरिका किसी महिला पर दांव खेलेगा या फिर एक बार फिर से पूर्व राष्ट्रपति और उनकी नीतियों पर विश्वास जताएगा, ये तो वक्त ही बताएगा. लेकिन कमला हैरिस का कहना है कि अमेरिका एक ऐसा राष्ट्रपति चाहता है तो यहां के लोगों को देखे, जो उनको अपनाए और जो उनके लिए खड़े होना और लड़ना जानता हो. कमला हैरिस का कहना है कि उन्होंने देश में हर एक जगह घूमकर लोगों के मन की बात जानने की कोशिश की है. जिसके बाद उन्होंने लोगों की चाहत क...

US Presidential Elections 2024: कैसी राष्ट्रपति बनने का सपना देख रहीं कमला हैरिस, जानें प्रतिज्ञा

अमेरिका की सियासत की तस्वीर महज 6 दिन बाद बदल जाएगी. अमेरिका में 4 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Elections 2024) है. रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप या डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस, कौन बनेगा राष्ट्रपति, ये भी साफ हो जाएगा. हालांकि दोनों ही नेताओं के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है. ट्रंप और कमला हैरिस (Kamala Harris), दोनों ने ही चुनाव जीतने के लिए पूरा दम-खम लगा दिया है. लेकिन कमला हैरिस का दावा है कि वह बिल्कुल वैसी ही राष्ट्रपति बनेंगी, जैसा कि अमेरिका के लोगों ने सपना देखा है. "वैसी ही राष्ट्रपति बनने की प्रतिज्ञा करती हूं" अमेरिका किसी महिला पर दांव खेलेगा या फिर एक बार फिर से पूर्व राष्ट्रपति और उनकी नीतियों पर विश्वास जताएगा, ये तो वक्त ही बताएगा. लेकिन कमला हैरिस का कहना है कि अमेरिका एक ऐसा राष्ट्रपति चाहता है तो यहां के लोगों को देखे, जो उनको अपनाए और जो उनके लिए खड़े होना और लड़ना जानता हो. कमला हैरिस का कहना है कि उन्होंने देश में हर एक जगह घूमकर लोगों के मन की बात जानने की कोशिश की है. जिसके बाद उन्होंने लोगों की चाहत क...

'मेक इन इंडिया' से 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के सफर पर भारत, एयरक्राफ्ट-AI और सेमीकंडक्टर चिप्स सेक्टर में छुएगा आसमां

आधुनिक टेक्नोलॉजी दुनिया को तेज़ी से बदल रही है. ऐसे समय में जो खुद को नहीं बदलेगा वो पीछे रह जाएगा. यही वजह है कि भारत वक्त की नज़ाकत को पहचानते हुए नई टेक्नोलॉजी से होने वाले बदलावों के साथ खुद को भी तेज़ी से बदल रहा है. इसी के तहत भारत ने 'मेक इन इंडिया' इनिशिएटिव शुरू किया. उसी से जुड़ा अगला कदम 'मेक फॉर द वर्ल्ड' है. यानी भारत में बनाओ, दुनिया के लिए बनाओ.  भारत अब देश में ही आधुनिकतम तकनीक से जुड़े निर्माण के लिए तैयार है. गुजरात के वडोदरा में सोमवार (28 अक्टूबर) को इसी से जुड़ी एक बड़ी पहल हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज़ ने वडोदरा में टाटा-एयरबस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की शुरुआत की. इसके साथ ही भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर चिप के सेक्टर में भी अपने कदम बढ़ा दिए हैं. आइए समझते हैं कि ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर चिप सेक्टर में भारत कैसे आगे बढ़ता जा रहा है:-  कहां बनेंगे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (28 अक्टूबर) को गुजरात के वडोदरा में स्पेन के...

'मेक इन इंडिया' से 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के सफर पर भारत, एयरक्राफ्ट-AI और सेमीकंडक्टर चिप्स सेक्टर में छुएगा आसमां

आधुनिक टेक्नोलॉजी दुनिया को तेज़ी से बदल रही है. ऐसे समय में जो खुद को नहीं बदलेगा वो पीछे रह जाएगा. यही वजह है कि भारत वक्त की नज़ाकत को पहचानते हुए नई टेक्नोलॉजी से होने वाले बदलावों के साथ खुद को भी तेज़ी से बदल रहा है. इसी के तहत भारत ने 'मेक इन इंडिया' इनिशिएटिव शुरू किया. उसी से जुड़ा अगला कदम 'मेक फॉर द वर्ल्ड' है. यानी भारत में बनाओ, दुनिया के लिए बनाओ.  भारत अब देश में ही आधुनिकतम तकनीक से जुड़े निर्माण के लिए तैयार है. गुजरात के वडोदरा में सोमवार (28 अक्टूबर) को इसी से जुड़ी एक बड़ी पहल हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज़ ने वडोदरा में टाटा-एयरबस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की शुरुआत की. इसके साथ ही भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर चिप के सेक्टर में भी अपने कदम बढ़ा दिए हैं. आइए समझते हैं कि ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर चिप सेक्टर में भारत कैसे आगे बढ़ता जा रहा है:-  कहां बनेंगे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (28 अक्टूबर) को गुजरात के वडोदरा में स्पेन के...

शख्स ने इमरजेंसी कॉल कर बताया- भालू पड़ा है पीछे, फिर क्यों बन गया वॉन्टेड; जानें पूरा मामला

अमेरिका में एक शख्स ने इमरजेंसी नंबर 911 पर कॉल कर कहा कि एक भालू उसका पीछा कर रहा है. शख्स के कॉल के बाद रेस्पॉन्ड टीम जहां पहुंची, उसे वहां पर एक शव मिला. जिसके बाद उस शख्स की तलाश है, जिसनें इमरजेंसी नंबर पर कॉल किया था. अब ये शख्स वान्टेड बन चुका है. दरअसल जिस शख्स का शव मिला है, अब वॉन्टेड शख्स इस मर्डर मामले में संदिग्ध बन गया है. किस मामले में वॉन्टेड बना शख्स मोनरो काउंटी टेनेसी शेरिफ ऑफिस के अनुसार, 911 को 18 अक्टूबर को एक परेशान शख्स का कॉल आया, जिसने ब्रैंडन एंड्रेडे होने का दावा किया. उसने बताया कि वह एक भालू से बचने के लिए भागते समय एक चट्टान से गिर गया था और वह घायल हो गया था. जब अधिकारियों ने टेलिको प्लेन्स में खोज की, जिस क्षेत्र से उन्हें शख्स की कॉल मिली थी, तो उन्हें वहां एक व्यक्ति का शव मिला. दूसरे की आईडी का किया गलत यूज इस मामले को बारीकी से देखने के बाद अधिकारियों को समझ आ गया कि ब्रैंडन एंड्रेडे पीड़ित नहीं था. इस मामले में पहचान पत्र को चुराकर उसका गलत इस्तेमाल किया गया था. शेरिफ ऑफिस ने कहा, "एंड्रेडे के चुराए गए पहचान पत्र का इस्तेमाल किया, उसका नाम...

"मेरे पिता की हत्या कर दी गई": बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण के बीच चिल्लाने लगे प्रदर्शनकारी

हमास हमले के पीड़ितों के रिश्तेदार पिछले साल 7 अक्टूबर को हुए हमले के स्मरणोत्सव के दौरान रविवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण के दौरान चीखने लगे. उन्होंने भाषण के बीच में हंगामा किया. यरूशलम में समारोह के दौरान भाषण देते हुए नेतन्याहू डायस पर स्थिर खड़े रहे, जबकि भीड़ में मौजूद लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया. इससे एक मिनट से अधिक समय तक भाषण रुका रहा. प्रदर्शनकारियों में से एक ने बार-बार चिल्लाते हुए कहा, "मेरे पिता की हत्या कर दी गई."  नेतन्याहू के प्रशासन पर सार्वजनिक और कूटनीतिक दबाव रहा है कि वे गाजा में अभी भी बंदियों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए कोई समझौता करने के लिए और अधिक प्रयास करें. #Netanyahu | "Be ashamed of yourself"... Hurtful words from the families of Israeli prisoners of the resistance attack Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu during his speech on the anniversary of Operation Al-Aqsa Flood. pic.twitter.com/uASeLsk1co — Jerusalem Captive (@JerusalemCapti) October 27, 2024 इजराइली प्रमुख जासूस डेविड बार्निया रवि...

"मेरे पिता की हत्या कर दी गई": बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण के बीच चिल्लाने लगे प्रदर्शनकारी

हमास हमले के पीड़ितों के रिश्तेदार पिछले साल 7 अक्टूबर को हुए हमले के स्मरणोत्सव के दौरान रविवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण के दौरान चीखने लगे. उन्होंने भाषण के बीच में हंगामा किया. यरूशलम में समारोह के दौरान भाषण देते हुए नेतन्याहू डायस पर स्थिर खड़े रहे, जबकि भीड़ में मौजूद लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया. इससे एक मिनट से अधिक समय तक भाषण रुका रहा. प्रदर्शनकारियों में से एक ने बार-बार चिल्लाते हुए कहा, "मेरे पिता की हत्या कर दी गई."  नेतन्याहू के प्रशासन पर सार्वजनिक और कूटनीतिक दबाव रहा है कि वे गाजा में अभी भी बंदियों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए कोई समझौता करने के लिए और अधिक प्रयास करें. #Netanyahu | "Be ashamed of yourself"... Hurtful words from the families of Israeli prisoners of the resistance attack Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu during his speech on the anniversary of Operation Al-Aqsa Flood. pic.twitter.com/uASeLsk1co — Jerusalem Captive (@JerusalemCapti) October 27, 2024 इजराइली प्रमुख जासूस डेविड बार्निया रवि...

क्या टूट गई ईरान की 'कमर'? इजरायल के हमले में तबाह हुआ ईरानी मिसाइल फैक्ट्री

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इजरायल ने शनिवार की सुबह ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर निशाना बनाया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायल के इस हमले में ईरान को काफी नुकसान हुआ है. जानकार मानते हैं कि इस हमले हैं ईरान के कई सैन्य ठिकाने पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं. आपको बता दें कि इजरायल ने शनिवार को ईरान के अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर एक साथ हमला किया था. इस हमले में इजरायल ने अपने फाइटर जेट्स का भी इस्तेमाल किया था.  बैलिस्टिक मिसाइल की फैक्ट्री हुई तबाह  मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायल ने ईरान के उन ठिकानों को भी निशाना बनाया है जहां वह अपने बैलिस्टिक मिसाइल बनाता और रखता था. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इजरायल के इस हमले में ईरान की मिसाइल फैक्ट्री पूरी तरह से तबाह हो गई है. कहा जा रहा है कि इसे फिर से ऑपरेशनल बनाने में कम से कम दो साल का समय लगेगा. ऐसे में ये ईरानी सेना के लिए एक बड़े सेट बैक की तरह है.  इजरायल ने ईरान को दे चेतावनी  ईरान के सैन्य ठिकानों पर अपने हमले के बाद आईडीएफ ने एक बयान जारी किया. इस बयान में कहा गया है कि आईडीएफ ने अपना मिशन पूरा कर लिया है.अगर ईरानी शासन ने न...

क्या टूट गई ईरान की 'कमर'? इजरायल के हमले में तबाह हुआ ईरानी मिसाइल फैक्ट्री

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इजरायल ने शनिवार की सुबह ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर निशाना बनाया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायल के इस हमले में ईरान को काफी नुकसान हुआ है. जानकार मानते हैं कि इस हमले हैं ईरान के कई सैन्य ठिकाने पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं. आपको बता दें कि इजरायल ने शनिवार को ईरान के अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर एक साथ हमला किया था. इस हमले में इजरायल ने अपने फाइटर जेट्स का भी इस्तेमाल किया था.  बैलिस्टिक मिसाइल की फैक्ट्री हुई तबाह  मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायल ने ईरान के उन ठिकानों को भी निशाना बनाया है जहां वह अपने बैलिस्टिक मिसाइल बनाता और रखता था. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इजरायल के इस हमले में ईरान की मिसाइल फैक्ट्री पूरी तरह से तबाह हो गई है. कहा जा रहा है कि इसे फिर से ऑपरेशनल बनाने में कम से कम दो साल का समय लगेगा. ऐसे में ये ईरानी सेना के लिए एक बड़े सेट बैक की तरह है.  इजरायल ने ईरान को दे चेतावनी  ईरान के सैन्य ठिकानों पर अपने हमले के बाद आईडीएफ ने एक बयान जारी किया. इस बयान में कहा गया है कि आईडीएफ ने अपना मिशन पूरा कर लिया है.अगर ईरानी शासन ने न...

इजरायल का ईरान पर हमला: IDF ने कहा- ऑपरेशन पूरा, तेहरान ने अगर बढ़ाया तनाव तो दिया जाएगा जवाब

इजरायली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने शनिवार को ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर 'सटीक और टारगेटेड हमले' सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की. इसके साथ ही तेहरान को चेतावनी दी कि अगर उसने तनाव बढ़ाने की गलती की तो जवाब दिया जाएगा आईडीएफ के अनुसार, शनिवार सुबह इजरायली वायु सेना (आईएएफ) के सहयोग से तीन चरणों में ये हमले किए गए. यह कार्रवाई 1 अक्टूबर को तेहरान बैलिस्टिक मिसाइल अटैक का जवाब थी. ⭕️ DISMANTLED: Approx. 130 ready-to-fire launchers, some of which had previously been used by Hezbollah terrorists to fire toward Israel. Additionally, our troops located and confiscated 4 armed mobile launchers with approx. 160 ready-to-fire rockets, including the launcher that… pic.twitter.com/fpK64QRrfO — Israel Defense Forces (@IDF) October 26, 2024 इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने कहा, "आईडीएफ ने अपना मिशन पूरा कर लिया है. अगर ईरानी शासन ने नए सिरे से तनाव बढ़ाने की गलती की, तो हम जवाब देंगे." साथ ही कहा कि आईएएफ के विमान ऑपरेशन से सुरक्षित वापस आ गए हैं. आईडीएफ ने कहा, "ज...

इजरायल का ईरान पर हमला: IDF ने कहा- ऑपरेशन पूरा, तेहरान ने अगर बढ़ाया तनाव तो दिया जाएगा जवाब

इजरायली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने शनिवार को ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर 'सटीक और टारगेटेड हमले' सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की. इसके साथ ही तेहरान को चेतावनी दी कि अगर उसने तनाव बढ़ाने की गलती की तो जवाब दिया जाएगा आईडीएफ के अनुसार, शनिवार सुबह इजरायली वायु सेना (आईएएफ) के सहयोग से तीन चरणों में ये हमले किए गए. यह कार्रवाई 1 अक्टूबर को तेहरान बैलिस्टिक मिसाइल अटैक का जवाब थी. ⭕️ DISMANTLED: Approx. 130 ready-to-fire launchers, some of which had previously been used by Hezbollah terrorists to fire toward Israel. Additionally, our troops located and confiscated 4 armed mobile launchers with approx. 160 ready-to-fire rockets, including the launcher that… pic.twitter.com/fpK64QRrfO — Israel Defense Forces (@IDF) October 26, 2024 इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने कहा, "आईडीएफ ने अपना मिशन पूरा कर लिया है. अगर ईरानी शासन ने नए सिरे से तनाव बढ़ाने की गलती की, तो हम जवाब देंगे." साथ ही कहा कि आईएएफ के विमान ऑपरेशन से सुरक्षित वापस आ गए हैं. आईडीएफ ने कहा, "ज...

इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर किया बड़ा हमला, IDF ने कहा ये हमारा पलटवार है

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इजरायल ने शनिवार की सुबह ईरान पर एक बड़ा हमला किया है. इस हमले में इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं. इस मिसाइल हमले से हुए धमाकों की आवाज को ईरान में काफी देर तक सुना गया है. बताया जा रहा है कि ईरान की राजधानी तेहरान में भी ऐसे धमाके सुने गए हैं. ईरान पर हमले को लेकर इजरायली सेना (आईडीएफ) ने भी बयान जारी किया है. आईडीएफ ने अपने जारी बयान में कहा है कि बीते कुछ समय में ईरान और उनके प्रॉक्सी ने हम पर कई हमले किए हैं. ये हमारा पलटवार है. हम अपने देश को बचाने के लिए कुछ भी करेंगे. इजरायल ने ईरान पर एक के बाद एक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. 100 से ज्यादा लड़ाकू विमानों का भी इस्तेमाल  इजरायल ने ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाया है जहां से ईरान इजरायल पर हमले करता रहा है. जानकार मानते हैं कि इन हमलों के पीछे इजरायल का मकसद ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को बर्बाद करना है. वहीं, आईडीएफ ने अपने जारी बयान में कहा गया है कि ऐसे हमले आगे भी जारी रहेंगे. सूत्रों के अनुसार ईरान पर हमले के लिए इजरायल ने 100 से ज्यादा लड़ाकू विमानों का भी इस्तेमाल किया है. इजरायल ने ईरान ...

इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर किया बड़ा हमला, IDF ने कहा ये हमारा पलटवार है

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इजरायल ने शनिवार की सुबह ईरान पर एक बड़ा हमला किया है. इस हमले में इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं. इस मिसाइल हमले से हुए धमाकों की आवाज को ईरान में काफी देर तक सुना गया है. बताया जा रहा है कि ईरान की राजधानी तेहरान में भी ऐसे धमाके सुने गए हैं. ईरान पर हमले को लेकर इजरायली सेना (आईडीएफ) ने भी बयान जारी किया है. आईडीएफ ने अपने जारी बयान में कहा है कि बीते कुछ समय में ईरान और उनके प्रॉक्सी ने हम पर कई हमले किए हैं. ये हमारा पलटवार है. हम अपने देश को बचाने के लिए कुछ भी करेंगे. इजरायल ने ईरान पर एक के बाद एक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. 100 से ज्यादा लड़ाकू विमानों का भी इस्तेमाल  इजरायल ने ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाया है जहां से ईरान इजरायल पर हमले करता रहा है. जानकार मानते हैं कि इन हमलों के पीछे इजरायल का मकसद ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को बर्बाद करना है. वहीं, आईडीएफ ने अपने जारी बयान में कहा गया है कि ऐसे हमले आगे भी जारी रहेंगे. सूत्रों के अनुसार ईरान पर हमले के लिए इजरायल ने 100 से ज्यादा लड़ाकू विमानों का भी इस्तेमाल किया है. इजरायल ने ईरान ...