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Showing posts from March, 2024

हमास और इजरायल के बीच की लड़ाई में भूखे मर रहे हैं फिलिस्तीनी लोग

इजरायल और हमास (Israel-Hamas) के बीच लंबे वक्त से जंग चल रही है. गाजा पर नियंत्रण के लिए हमास और इजरायल के बीच लड़ाई के कारण अब फिलीस्तीनी भूखे मर रहे हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ सहायता समूहों ने इजरायल पर हमास के खिलाफ युद्ध में भूख को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. हमास के एक शीर्ष पुलिस कमांडर ने मार्च के मध्य में गाजा कबीले के प्रमुखों से मुलाकात की, जो भूखे फिलिस्तीनियों (Palestinians) के लिए सहायता की कमान संभाल रहे थे. इस दौरान उनसे कहा गया कि वे शिपमेंट लेना बंद कर दें वरना उन्हें मार दिया जाएगा. एक हफ्ते बाद, उस कमांडर को इजरायली सैनिकों ने मार डाला. भूखे से मर रहे हैं लोग हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, लोग भूख से मरने लगे हैं. नाम न छापने की शर्त पर हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी और ज़मीन पर मौजूद कई अन्य लोगों के अनुसार, मृत कमांडर, फ़ायक़ अल-मबौह ने एक सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था की थी, ताकि जो लोग जानवरों के चारे से रोटी बना रहे थे, उन्हें गेहूं का आटा मिल सके. गाजा के लोगों का कहना है कि इज़रायली सैनिकों ने मबौह क...

बेंजामिन नेतन्याहू की हुई 'सफल' हर्निया सर्जरी : इजरायल पीएम ऑफिस

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सफल हर्निया सर्जरी हुई. इसकी जानकारी सोमवार को उनके कार्यालय द्वारा दी गई. उनके कार्यालय ने रविवार शाम को ऑपरेशन के बाद एक बयान में कहा, नेतन्याहू "अच्छी स्थिति में हैं और ठीक होने लगे हैं", जिस पर करीब से नजर रखी गई क्योंकि गाजा पट्टी में हमास के साथ युद्ध छिड़े हुए छह महीने हो गए हैं.  शनिवार को एक रूटीन चैकअप के दौरान डॉक्टर्स को नेतन्याहू के हर्निया के बारे में पता चला था. उनके कार्यालय ने कहा कि  डॉक्टरों के परामर्श के बाद और प्रधानमंत्री द्वारा अपने रोजमर्रा के कार्यों को पूरा किए जाने के बाद ही इस सर्जरी को कराने का फैसला लिया गया. बता दें कि, नेतन्याहू के इस्तीफे और गाजा में रखे गए इजरायली बंधकों की रिहाई की मांग को लेकर हजारों इजरायलियों ने रविवार शाम को यरूशलेम में प्रदर्शन किया. 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास के हमले के बाद गाजा में युद्ध छिड़ गया था, जिसके परिणामस्वरूप इजरायल में लगभग 1,160 मौतें हुईं और इनमें से अधिकतर नागरिक थे.  हमास द्वारा संचालित गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि इजरायल के जव...

बेंजामिन नेतन्याहू की हुई 'सफल' हर्निया सर्जरी : इजरायल पीएम ऑफिस

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सफल हर्निया सर्जरी हुई. इसकी जानकारी सोमवार को उनके कार्यालय द्वारा दी गई. उनके कार्यालय ने रविवार शाम को ऑपरेशन के बाद एक बयान में कहा, नेतन्याहू "अच्छी स्थिति में हैं और ठीक होने लगे हैं", जिस पर करीब से नजर रखी गई क्योंकि गाजा पट्टी में हमास के साथ युद्ध छिड़े हुए छह महीने हो गए हैं.  शनिवार को एक रूटीन चैकअप के दौरान डॉक्टर्स को नेतन्याहू के हर्निया के बारे में पता चला था. उनके कार्यालय ने कहा कि  डॉक्टरों के परामर्श के बाद और प्रधानमंत्री द्वारा अपने रोजमर्रा के कार्यों को पूरा किए जाने के बाद ही इस सर्जरी को कराने का फैसला लिया गया. बता दें कि, नेतन्याहू के इस्तीफे और गाजा में रखे गए इजरायली बंधकों की रिहाई की मांग को लेकर हजारों इजरायलियों ने रविवार शाम को यरूशलेम में प्रदर्शन किया. 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास के हमले के बाद गाजा में युद्ध छिड़ गया था, जिसके परिणामस्वरूप इजरायल में लगभग 1,160 मौतें हुईं और इनमें से अधिकतर नागरिक थे.  हमास द्वारा संचालित गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि इजरायल के जव...

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आधिकारिक कार्यक्रमों में रेड कारपेट के इस्तेमाल पर लगाया बैन : रिपोर्ट

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अधिकारियों को आधिकारिक कार्यक्रमों में रेड कारपेट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है. एआरवाई न्यूज रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. संघीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की यात्राओं के दौरान रेड कारपेट बिछाने की प्रथा पर असंतोष व्यक्त करते हुए प्रधान मंत्री ने अपना रुख स्पष्ट किया. एआरवाई न्यूज के मुताबिक, कैबिनेट डिवीजन के मुताबिक, प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुरूप रेड कारपेट पर प्रतिबंध लागू किया गया है. जारी की गई नोटीफिकेशन में कहा गया है कि रेड कारपेट को विशेष रूप से राजनयिक स्वागत के लिए आरक्षित नहीं किया जाएगा. बता दें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और संघीय कैबिनेट के सदस्यों ने सामूहिक रूप से सरकार के मितव्ययता अभियान के तहत अपने वेतन और भत्ते छोड़ने का फैसला किया है. पिछले महीने पीएम शहबाज शरीफ ने सरकार के लिए मितव्ययिता उपायों के सर्वोपरि महत्व पर जोर दिया था. एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने देश के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए अपना वेतन और भत्ते लेन...

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आधिकारिक कार्यक्रमों में रेड कारपेट के इस्तेमाल पर लगाया बैन : रिपोर्ट

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अधिकारियों को आधिकारिक कार्यक्रमों में रेड कारपेट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है. एआरवाई न्यूज रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. संघीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की यात्राओं के दौरान रेड कारपेट बिछाने की प्रथा पर असंतोष व्यक्त करते हुए प्रधान मंत्री ने अपना रुख स्पष्ट किया. एआरवाई न्यूज के मुताबिक, कैबिनेट डिवीजन के मुताबिक, प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुरूप रेड कारपेट पर प्रतिबंध लागू किया गया है. जारी की गई नोटीफिकेशन में कहा गया है कि रेड कारपेट को विशेष रूप से राजनयिक स्वागत के लिए आरक्षित नहीं किया जाएगा. बता दें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और संघीय कैबिनेट के सदस्यों ने सामूहिक रूप से सरकार के मितव्ययता अभियान के तहत अपने वेतन और भत्ते छोड़ने का फैसला किया है. पिछले महीने पीएम शहबाज शरीफ ने सरकार के लिए मितव्ययिता उपायों के सर्वोपरि महत्व पर जोर दिया था. एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने देश के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए अपना वेतन और भत्ते लेन...

VIDEO: ...जब जहाज पर सवार पाकिस्तानी नागरिकों ने "भारत जिंदाबाद" के नारे लगाए

अरब सागर में मछली पकड़ने वाले पाकिस्तान के 23 नागरिकों को सोमाली समुद्री डकैतों से बचा लिया गया. शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद बचाए गए पाकिस्तानी नागरिकों ने 'भारत जिंदाबाद' के नारे लगाए. भारतीय नौसेना ने 29 मार्च को अरब सागर में एक साहसिक ऑपरेशन के बाद पाकिस्तानी मछुआरों को बचा लिया. पाकिस्तानी नागरिकों ने भारत को धन्यवाद दिया और 'भारत जिंदाबाद' के नारे लगाए. भारतीय नौसेना की विशेषज्ञ टीम ने उन्हें नौ हथियारबंद समुद्री डाकुओं से बचाया. नौसेना की टीम ने मछुआरों के जहाज अल-कंबर की स्वच्छता और उसकी समुद्र में उपयोग की योग्यता की जांच पूरी भी की. बचाए गए ईरानी झंडे वाले मछुआरों के जहाज का पाकिस्तानी चालक दल समुद्री डाकुओं से बचाए जाने के बाद अरब सागर में "भारत जिंदाबाद" के नारे लगाते हुए दिखाई दिया. #WATCH | The crew comprising 23 Pakistani nationals thanked the Indian Navy and raise 'India Zindabad' slogans after the Indian Navy's specialist team protected them from nine armed pirates, and completed sanitisation and seaworthiness checks of FV A...

VIDEO: ...जब जहाज पर सवार पाकिस्तानी नागरिकों ने "भारत जिंदाबाद" के नारे लगाए

अरब सागर में मछली पकड़ने वाले पाकिस्तान के 23 नागरिकों को सोमाली समुद्री डकैतों से बचा लिया गया. शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद बचाए गए पाकिस्तानी नागरिकों ने 'भारत जिंदाबाद' के नारे लगाए. भारतीय नौसेना ने 29 मार्च को अरब सागर में एक साहसिक ऑपरेशन के बाद पाकिस्तानी मछुआरों को बचा लिया. पाकिस्तानी नागरिकों ने भारत को धन्यवाद दिया और 'भारत जिंदाबाद' के नारे लगाए. भारतीय नौसेना की विशेषज्ञ टीम ने उन्हें नौ हथियारबंद समुद्री डाकुओं से बचाया. नौसेना की टीम ने मछुआरों के जहाज अल-कंबर की स्वच्छता और उसकी समुद्र में उपयोग की योग्यता की जांच पूरी भी की. बचाए गए ईरानी झंडे वाले मछुआरों के जहाज का पाकिस्तानी चालक दल समुद्री डाकुओं से बचाए जाने के बाद अरब सागर में "भारत जिंदाबाद" के नारे लगाते हुए दिखाई दिया. #WATCH | The crew comprising 23 Pakistani nationals thanked the Indian Navy and raise 'India Zindabad' slogans after the Indian Navy's specialist team protected them from nine armed pirates, and completed sanitisation and seaworthiness checks of FV A...

हैती में एक गिरोह सरगना का इंटरव्यू लेने की कोशिश में फेमस अमेरिकी यूट्यूबर का अपहरण

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हैती में एक गिरोह लीडर का इंटरव्यू लेने की कोशिश में अमेरिका के एक फेमस यूट्यूबर का अपहरण (US Youtuber Kidnapped In Haith) कर लिया गया. अमेरिकी यूट्यूबर एडिसन पियरे मालौफ, योर फेलो अरब और अरब के नाम से मशहूर हैं. खुद को हैती का शासक बताने वाले एक गिरोह ने उनका कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया और बदले में बड़ी रकम मांग रहे हैं. न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, जॉर्जिया के रहने वाले यूट्यूबर ने हैती के सबसे कुख्यात गिरोह के सरगना, जिमी "बारबेक्यू" चेरिज़ियर का इंटरव्यू लेने के लिए हिंसाग्रस्त देश पहुंचे थे. 14 मार्च को अमेरिकी यूट्यूबर के हैती पहुंचने के ठीक 24 घंटे बाद उनको एक सहयोगी के साथ 400 मावोज़ो गिरोह के सदस्यों ने पकड़ लिया. यूट्यूबर को छोड़ने के बदले मांगी बड़ी रकम द पोस्ट के मुताबिक, अमेरिकी YouTuber को 600,000 डॉलर की फिरौती के लिए किडनैप किया गया है. उनको छुड़वाने के बदले 40,000 डॉलर पहले ही दिए जा चुके हैं, लेकिन किडनैपर्स मालौफ की सुरक्षित रिहाई के लिए बड़ी रकम की मांग कर रहे हैं. बता दें कि किडनैप किए गए यूट्यूबर मालौफ़ के YouTube पर 1.4 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं...

हैती में एक गिरोह सरगना का इंटरव्यू लेने की कोशिश में फेमस अमेरिकी यूट्यूबर का अपहरण

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हैती में एक गिरोह लीडर का इंटरव्यू लेने की कोशिश में अमेरिका के एक फेमस यूट्यूबर का अपहरण (US Youtuber Kidnapped In Haith) कर लिया गया. अमेरिकी यूट्यूबर एडिसन पियरे मालौफ, योर फेलो अरब और अरब के नाम से मशहूर हैं. खुद को हैती का शासक बताने वाले एक गिरोह ने उनका कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया और बदले में बड़ी रकम मांग रहे हैं. न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, जॉर्जिया के रहने वाले यूट्यूबर ने हैती के सबसे कुख्यात गिरोह के सरगना, जिमी "बारबेक्यू" चेरिज़ियर का इंटरव्यू लेने के लिए हिंसाग्रस्त देश पहुंचे थे. 14 मार्च को अमेरिकी यूट्यूबर के हैती पहुंचने के ठीक 24 घंटे बाद उनको एक सहयोगी के साथ 400 मावोज़ो गिरोह के सदस्यों ने पकड़ लिया. यूट्यूबर को छोड़ने के बदले मांगी बड़ी रकम द पोस्ट के मुताबिक, अमेरिकी YouTuber को 600,000 डॉलर की फिरौती के लिए किडनैप किया गया है. उनको छुड़वाने के बदले 40,000 डॉलर पहले ही दिए जा चुके हैं, लेकिन किडनैपर्स मालौफ की सुरक्षित रिहाई के लिए बड़ी रकम की मांग कर रहे हैं. बता दें कि किडनैप किए गए यूट्यूबर मालौफ़ के YouTube पर 1.4 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं...

भारत और यूक्रेन पारंपरिक मित्र, लेकिन और भी बहुत कुछ किया जा सकता है: दिमित्रो कुलेबा

यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने भारत और यूक्रेन को ‘दो बड़े मित्र राष्ट्र' करार दिया और कहा कि उनकी अपने भारतीय समकक्ष के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर ‘‘निष्पक्ष तथा समग्र'' बातचीत हुई. यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों नेता दोनों देशों के बीच सहयोग को रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष से पहले के स्तर पर ‘‘बहाल करने पर'' सहमत हुए. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुलेबा से शुक्रवार को यहां हैदराबाद हाउस में मुलाकात की. यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा की भारत यात्रा दो साल से अधिक समय से जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों के बीच हो रही है. कुलेबा भारत की दो दिवसीय यात्रा पर बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे थे. बैठक में अपने संबोधन में कुलेबा ने कहा कि भारत और यूक्रेन ‘‘पारंपरिक मित्र रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हम न केवल हमारे राष्ट्रों के हित में बल्कि वैश्विक विकास और सुरक्षा परिदृश्य में भी और बहुत कुछ कर सकते हैं और हमें करना चाहिए.'' उन्होंने कहा,‘‘ हम यूक्रेन में रूस के बड़े पैमाने पर आक्रमण करने से पहले जो हमारे बीच मौ...

भारत और यूक्रेन पारंपरिक मित्र, लेकिन और भी बहुत कुछ किया जा सकता है: दिमित्रो कुलेबा

यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने भारत और यूक्रेन को ‘दो बड़े मित्र राष्ट्र' करार दिया और कहा कि उनकी अपने भारतीय समकक्ष के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर ‘‘निष्पक्ष तथा समग्र'' बातचीत हुई. यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों नेता दोनों देशों के बीच सहयोग को रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष से पहले के स्तर पर ‘‘बहाल करने पर'' सहमत हुए. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुलेबा से शुक्रवार को यहां हैदराबाद हाउस में मुलाकात की. यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा की भारत यात्रा दो साल से अधिक समय से जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों के बीच हो रही है. कुलेबा भारत की दो दिवसीय यात्रा पर बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे थे. बैठक में अपने संबोधन में कुलेबा ने कहा कि भारत और यूक्रेन ‘‘पारंपरिक मित्र रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हम न केवल हमारे राष्ट्रों के हित में बल्कि वैश्विक विकास और सुरक्षा परिदृश्य में भी और बहुत कुछ कर सकते हैं और हमें करना चाहिए.'' उन्होंने कहा,‘‘ हम यूक्रेन में रूस के बड़े पैमाने पर आक्रमण करने से पहले जो हमारे बीच मौ...

यूक्रेन के विदेश मंत्री दो दिवसीय यात्रा पर भारत आए, दोनों देशों के संबंधों को अहम करार दिया

भारत की अपनी पहली यात्रा पर बृहस्पतिवार को नई दिल्ली पहुंचे यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग महत्वपूर्ण है और इसे मजबूत किया जाएगा. उनकी दो दिवसीय यात्रा दो साल से अधिक समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों के बीच हो रही है. कुलेबा ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘मैंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के आमंत्रण पर नयी दिल्ली की अपनी यात्रा शुरू की. यूक्रेन-भारत सहयोग महत्वपूर्ण है और हम संबंधों को और मजबूत करेंगे. राष्ट्रपति जेलेंस्की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच बातचीत के आधार पर, हम शांति फॉर्मूला पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करेंगे.'' विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुलेबा की यात्रा विदेश मंत्री जयशंकर के आमंत्रण पर हो रही है. अपनी आधिकारिक यात्रा के पहले दिन कुलेबा ने यहां राजघाट का दौरा किया और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. from NDTV India - World https://ift.tt/gRmvX2f

Exclusive: शांति बहाली के लिए हमें भारत की जरूरत - रूस के साथ जंग पर बोले यूक्रेन के विदेश मंत्री

रूस और यूक्रेन (Russia-Ukraine War) के बीच 24 फरवरी 2022 से जंग चल रही है. इस बीच विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा (Dmytro Kuleba)दो दिनों के लिए भारत दौरे पर हैं. कुलेबा अपने समकक्ष भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) के बुलावे पर 28 मार्च को नई दिल्ली पहुंचे. रूस से जंग के बीच कुलेबा ने भारत से शांति के लिए मदद की अपील की है. उन्होंने कहा है कि भारत के पास एक महत्वपूर्ण वैश्विक आवाज है. भारत इसका इस्तेमाल न सिर्फ रूस के बर्ताव को प्रभावित करने के लिए कर सकता है, बल्कि अन्य देशों को शांति की पहल में शामिल होने में भी मदद कर सकता है. यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा भारत दौरे पर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे. अपनी पहली भारत यात्रा के दौरान कुलेबा ने गुरुवार को NDTV से खास बातचीत की. इंटरव्यू के दौरान यूक्रेनी नेता ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत को सीट दिलाने की जरूरत, भारत-रूस और भारत-यूक्रेन संबंधों पर विस्तार से अपनी राय रखी. विदेश मंत्री एस जयशंकर के बुलावे पर भारत आने के बारे में पूछे गए सवाल पर कुले...

Exclusive: शांति बहाली के लिए हमें भारत की जरूरत - रूस के साथ जंग पर बोले यूक्रेन के विदेश मंत्री

रूस और यूक्रेन (Russia-Ukraine War) के बीच 24 फरवरी 2022 से जंग चल रही है. इस बीच विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा (Dmytro Kuleba)दो दिनों के लिए भारत दौरे पर हैं. कुलेबा अपने समकक्ष भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) के बुलावे पर 28 मार्च को नई दिल्ली पहुंचे. रूस से जंग के बीच कुलेबा ने भारत से शांति के लिए मदद की अपील की है. उन्होंने कहा है कि भारत के पास एक महत्वपूर्ण वैश्विक आवाज है. भारत इसका इस्तेमाल न सिर्फ रूस के बर्ताव को प्रभावित करने के लिए कर सकता है, बल्कि अन्य देशों को शांति की पहल में शामिल होने में भी मदद कर सकता है. यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा भारत दौरे पर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे. अपनी पहली भारत यात्रा के दौरान कुलेबा ने गुरुवार को NDTV से खास बातचीत की. इंटरव्यू के दौरान यूक्रेनी नेता ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत को सीट दिलाने की जरूरत, भारत-रूस और भारत-यूक्रेन संबंधों पर विस्तार से अपनी राय रखी. विदेश मंत्री एस जयशंकर के बुलावे पर भारत आने के बारे में पूछे गए सवाल पर कुले...

साल भर पहले नन्हे बच्चे के लापता होने का रहस्य सुलझाने के लिए फ्रांसीसी गांव में लौटे जासूस

फ्रांसीसी आल्प्स के एक छोटे से गांव में जांच कर्मियों ने एक नन्हे बच्चे के लापता होने का रहस्य सुलझाने की कोशिश शुरू की. उन्होंने गुरुवार को जांच के लिए गांव की घेराबंदी की. बच्चे के लापता होने से पिछली गर्मियों में पूरा देश सदमे में था. ढाई साल का एमिल पिछले साल गर्मी की छुट्टियों में अपने नाना-नानी के गांव पहुंचा था. छुट्टियों के पहले ही दिन 8 जुलाई को वह गायब हो गया. उनके दो पड़ोसियों ने उसे आखिरी बार दोपहर बाद हौट-वर्नेट की एक सड़क पर अकेले चलते हुए देखा था. यह स्थान करीब 1,200 मीटर की ऊंचाई पर 25 निवासियों की एक छोटी सी बस्ती है. मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुश्किल से 90 सेंटीमीटर (35 इंच) लंबा एक छोटा लड़का पीली टी-शर्ट, सफेद शॉर्ट्स और टिनी हाइकिंग शू पहने हुए पैदल चला जा रहा था. जुलाई में बच्चे के खो जाने के बाद दर्जनों पुलिस अधिकारियों, सैनिकों, खोजी कुत्तों, एक हेलीकॉप्टर और ड्रोन से उसकी व्यापक खोज की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली. कई दिनों की तलाश के बाद में प्रोसीक्यूटर ने कहा कि यह संभव नहीं है कि इतना छोटा बच्चा तेज गर्मी के मौसम में जीवित रह पाएगा. इसके बा...

भारतीय मूल की डॉक्टर को कानूनी फीस के लिए दो करोड़ रुपये की जरूरत! एलोन मस्क ने दी प्रतिक्रिया

सन 2020 की गर्मियों में जब पूरी दुनिया कोरोनो वायरस महामारी के कारण ठहर गई थी. तब भारतीय मूल की डॉक्टर कुलविंदर कौर गिल ने सरकार की ओर से लगाए गए लॉकडाउन और टीकाकरण के आदेश के खिलाफ बात की थी. लेकिन उनके इस रुख के चलते उन्हें चिकित्सा संस्थानों की ओर से मुकदमों और एक्स (ट्विटर) के पिछले प्रबंधन द्वारा सेंसरशिप का सामना करना पड़ा. कनाडा में इम्यूनोलॉजी और पीडियाट्रिक्स (शिशु चिकित्सा) की विशेषज्ञ डॉ गिल अब अपने कोविड-संबंधी ट्वीट्स के कारण कानूनी लड़ाई में फंस गई हैं. उन्हें कानूनी फीस के लिए 300,000 कैनेडियन डॉलर (1,83,75,078 रुपये) जुटाने की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि उन्हें 'एक्स' से समर्थन मिला है, जिसने उनके खर्चों को कवर करने का वादा किया है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स ने एक बयान में कहा, "चूंकि उन्होंने कनाडा और ओन्टारियो सरकारों के कोविड ​​लॉकडाउन के प्रयासों और सार्वजनिक टीकाकरण के आदेश के विरोध में ट्विटर (अब एक्स) पर सार्वजनिक रूप से बात की थी, इसलिए उन्हें पारंपरिक मीडिया द्वारा परेशान किया गया था, पूर्व ट्विटर प्रबंधन द्वारा सेंसर किया गया...

चीन के साथ संबंधों में सामान्य स्थिति सैनिकों की पारंपरिक तैनाती के आधार पर हासिल हो सकेगी: जयशंकर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति केवल सैनिकों की पारंपरिक तैनाती के आधार पर हासिल की जा सकेगी और बीजिंग के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए यही पूर्व शर्त होगी. जयशंकर ने मलेशिया की राजधानी में भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत के दौरान चीन के साथ भारत के संबंधों की मौजूदा स्थिति पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘‘भारतीयों के प्रति मेरा पहला कर्तव्य सीमा की सुरक्षा करना है और मैं इस संबंध में कभी समझौता नहीं कर सकता.'' उन्होंने कहा कि हर देश ‘‘अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहता है. कौन नहीं चाहता? लेकिन हर रिश्ते को किसी न किसी आधार पर स्थापित करना होता है.'' जयशंकर ने कहा, ‘‘हम अभी भी चीन के साथ बातचीत कर रहे हैं. मैं अपने समकक्ष से बात करता हूं. हम समय-समय पर मिलते रहते हैं. हमारे सैन्य कमांडर एक-दूसरे से बातचीत करते हैं. लेकिन हमारी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट हैं कि हमारे बीच एक समझौता था. वहां वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है. हमारी उस रेखा पर सेना न लाने की परंपरा है. हम दोनों के सैन्य ठिकाने कुछ ...

भारतीय मूल की डॉक्टर को कानूनी फीस के लिए दो करोड़ रुपये की जरूरत! एलोन मस्क ने दी प्रतिक्रिया

सन 2020 की गर्मियों में जब पूरी दुनिया कोरोनो वायरस महामारी के कारण ठहर गई थी. तब भारतीय मूल की डॉक्टर कुलविंदर कौर गिल ने सरकार की ओर से लगाए गए लॉकडाउन और टीकाकरण के आदेश के खिलाफ बात की थी. लेकिन उनके इस रुख के चलते उन्हें चिकित्सा संस्थानों की ओर से मुकदमों और एक्स (ट्विटर) के पिछले प्रबंधन द्वारा सेंसरशिप का सामना करना पड़ा. कनाडा में इम्यूनोलॉजी और पीडियाट्रिक्स (शिशु चिकित्सा) की विशेषज्ञ डॉ गिल अब अपने कोविड-संबंधी ट्वीट्स के कारण कानूनी लड़ाई में फंस गई हैं. उन्हें कानूनी फीस के लिए 300,000 कैनेडियन डॉलर (1,83,75,078 रुपये) जुटाने की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि उन्हें 'एक्स' से समर्थन मिला है, जिसने उनके खर्चों को कवर करने का वादा किया है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स ने एक बयान में कहा, "चूंकि उन्होंने कनाडा और ओन्टारियो सरकारों के कोविड ​​लॉकडाउन के प्रयासों और सार्वजनिक टीकाकरण के आदेश के विरोध में ट्विटर (अब एक्स) पर सार्वजनिक रूप से बात की थी, इसलिए उन्हें पारंपरिक मीडिया द्वारा परेशान किया गया था, पूर्व ट्विटर प्रबंधन द्वारा सेंसर किया गया...

सऊदी अरब पहली बार मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेगा

सऊदी अरब पहली बार मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेगा. यह इस्लामिक देश के लिए एक ऐतिहासिक कार्यक्रम भी बन जाएगा. अनुभवी और प्रभावशाली हस्ती रूमी अलकाहतानी ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस खबर की घोषणा की कि वह दुनिया की सबसे लोकप्रिय प्रतियोगिताओं में से एक में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी.  उन्होंने अपनी बेहद ग्लैमरस तस्वीरें शेयर कीं. तस्वीर में मॉडल को स्ट्रैपलेस सीक्विन्ड गाउन पहने देखा जा सकता है. तस्वीरों के साथ उन्होंने इंस्टाग्राम पर अरबी में लिखा, "मिस यूनिवर्स 2024 प्रतियोगिता में भाग लेने पर मैं सम्मानित महसूस कर रही हूं. मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में सऊदी अरब की यह पहली भागीदारी है." खलीज टाइम्स के अनुसार, रियाद में जन्मी अलकाहतानी सुर्खियों में रहने वाली कोई अजनबी नहीं है. वह कई वैश्विक प्रतियोगिताओं में शामिल हुई हैं. कुछ सप्ताह पहले मलेशिया में मिस एंड मिसेज ग्लोबल एशियन थी.  पिछले साल मिस निकारागुआ शेन्निस पलासियोस को मिस यूनिवर्स 2023 का ताज पहनाया गया था. पहली बार, निकारागुआ का कोई प्रतियोगी प्रतियोगिता का विजेता बना, जबकि थाईलैंड की एंटोनिया पो...

अमेरिका में ब्रिज हादसा : शिप की इंडियन क्रू टीम ने बचाई कइयों की जान, टकराने से कुछ मिनट पहले भेजा था SOS

अमेरिका के मैरीलैंड राज्य के बाल्टीमोर शहर में एक कंटेनर शिप (मालवाहक जहाज) के टकराने से 3 किलोमीटर लंबा 'फ्रांसिस स्कॉट की' ब्रिज ढह गया. सिंगापुर के झंडे वाला यह कंटेनर शिप श्रीलंका की राजधानी कोलंबो जा रहा था. शिप में क्रू टीम के सभी 22 मेंबर भारतीय थे. ये सभी इस हादसे में सुरक्षित हैं. मैरीलैंड के गवर्नर ने कंटेनर शिप के क्रू टीम को हीरो बताया है. न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, मैरीलैंड के गवर्नर वेस मूर ने कहा, "ये लोग हीरो हैं. उन्होंने ऐन वक्त पर अलर्ट कॉल (SOS कॉल) दिया, जिससे कई लोगों की जान बच गई." AFP की रिपोर्ट के मुताबिक मैरीलैंड के गवर्नर वेस मूर ने कहा, "सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर शिप 8 समुद्री मील (9 मील प्रति घंटे) की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था. ब्रिज से टकराने के कुल मिनट पहले इसने अलर्ट कॉल जारी किया था. इससे लोगों की जान बचाने में मदद मिली, क्योंकि हमने तुरंत ब्रिज पर ट्रैफिक को रोक दिया." ये शिप मैनेजमेंट कंपनी सिनर्जी मरीन ग्रुप की थी. शिप के ब्रिज के टकराने से किसी भी तरह का प्रदूषण भी नहीं हुआ. पुल है या फिर रोलरकोस्टर, सीधे खड़े इस ब...

अमेरिका में ब्रिज हादसा : शिप की इंडियन क्रू टीम ने बचाई कइयों की जान, टकराने से कुछ मिनट पहले भेजा था SOS

अमेरिका के मैरीलैंड राज्य के बाल्टीमोर शहर में एक कंटेनर शिप (मालवाहक जहाज) के टकराने से 3 किलोमीटर लंबा 'फ्रांसिस स्कॉट की' ब्रिज ढह गया. सिंगापुर के झंडे वाला यह कंटेनर शिप श्रीलंका की राजधानी कोलंबो जा रहा था. शिप में क्रू टीम के सभी 22 मेंबर भारतीय थे. ये सभी इस हादसे में सुरक्षित हैं. मैरीलैंड के गवर्नर ने कंटेनर शिप के क्रू टीम को हीरो बताया है. न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, मैरीलैंड के गवर्नर वेस मूर ने कहा, "ये लोग हीरो हैं. उन्होंने ऐन वक्त पर अलर्ट कॉल (SOS कॉल) दिया, जिससे कई लोगों की जान बच गई." AFP की रिपोर्ट के मुताबिक मैरीलैंड के गवर्नर वेस मूर ने कहा, "सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर शिप 8 समुद्री मील (9 मील प्रति घंटे) की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था. ब्रिज से टकराने के कुल मिनट पहले इसने अलर्ट कॉल जारी किया था. इससे लोगों की जान बचाने में मदद मिली, क्योंकि हमने तुरंत ब्रिज पर ट्रैफिक को रोक दिया." ये शिप मैनेजमेंट कंपनी सिनर्जी मरीन ग्रुप की थी. शिप के ब्रिज के टकराने से किसी भी तरह का प्रदूषण भी नहीं हुआ. पुल है या फिर रोलरकोस्टर, सीधे खड़े इस ब...

मॉस्को में हुए आतंकी हमले के पीछे यूक्रेन की सरकार का हाथ होने के नहीं हैं सबूत : अमेरिका

यह पुष्टि करते हुए कि मॉस्को में क्रोकस में कॉन्सर्ट हॉल में आतंकवादी हमला आईएसआईएस द्वारा किया गया था, संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यूक्रेनी सरकार का इस हमले से कोई लेना-देना था. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने मंगलवार को कहा कि यह आतंकवादी हमला आईएसआईएस द्वारा कराया गया था और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस बात को समझते हैं. उन्होंने कहा, "यह एक आतंकवादी हमला था जिसका जिम्मेदार आईएसआईएस है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इसे समझते हैं. उन्हें यह भलिभांति पता है. और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यूक्रेन की सरकार का इस हमले में कोई हाथ है." संवेदना व्यक्त करते हुए कैरीन जीन-पियरे ने कहा कि वह एक सेकंड के लिए पीछे हटना चाहती हैं और उन लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहती हैं जिन्होंने इस भीषण हमले के कारण अपने प्रियजनों को खो दिया और जो घायल हो गए. उन्होंने कहा, "हम मॉस्को में हुए जघन्य आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते रहेंगे". पियरे ने कहा, "हम इस इस बारे में बहुत स्पष्ट हैं. 7 मार्च को हमने रू...

जयशंकर ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सेन लूंग, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और कुछ अन्य वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की तथा द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के उपायों एवं हिंद-प्रशांत और पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की. जयशंकर सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं. वह शनिवार को यहां पहुंचे थे. उन्होंने रविवार को प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया और शनिवार को निवेशकों से मुलाकात की. जयशंकर ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘द इस्ताना (राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का कार्यालय) में प्रधानमंत्री ली सेन लूंग से मुलाकात करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दीं.'' जयशंकर ने प्रधानमंत्री ली के द्विपक्षीय संबंधों के समर्थन के बारे में कहा, ‘‘भारत-सिंगापुर संबंधों पर उनकी सकारात्मक भावनाएं हमेशा हमारे संबंधों के लिए ताकत का स्रोत रही हैं.'' बालाकृष्णन के अलावा, जयशंकर ने व्यापार एवं उद्योग मंत्री गन किम योंग और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी समन्वय मंत्री टीओ ची हेन के साथ अलग-अलग बैठकें कीं. उन...

जयशंकर ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सेन लूंग, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और कुछ अन्य वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की तथा द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के उपायों एवं हिंद-प्रशांत और पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की. जयशंकर सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं. वह शनिवार को यहां पहुंचे थे. उन्होंने रविवार को प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया और शनिवार को निवेशकों से मुलाकात की. जयशंकर ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘द इस्ताना (राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का कार्यालय) में प्रधानमंत्री ली सेन लूंग से मुलाकात करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दीं.'' जयशंकर ने प्रधानमंत्री ली के द्विपक्षीय संबंधों के समर्थन के बारे में कहा, ‘‘भारत-सिंगापुर संबंधों पर उनकी सकारात्मक भावनाएं हमेशा हमारे संबंधों के लिए ताकत का स्रोत रही हैं.'' बालाकृष्णन के अलावा, जयशंकर ने व्यापार एवं उद्योग मंत्री गन किम योंग और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी समन्वय मंत्री टीओ ची हेन के साथ अलग-अलग बैठकें कीं. उन...

किसी भी भाषा में ‘एक आतंकवादी आतंकवादी ही होता है’ : सिंगापुर में बोले एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने परोक्ष तौर पर चीन पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि किसी भी भाषा में ‘‘एक आतंकवादी, आतंकवादी ही होता है'' और अलग-अलग व्याख्या के आधार पर आतंकवाद का बचाव करने नहीं दिया जाना चाहिए. जयशंकर ने यह टिप्पणी सिंगापुर में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान की. जब उनसे पूछा गया कि भारतीय अधिकारी अपने वैश्विक समकक्षों के साथ संवेदनशील और भाषाई रूप से भिन्न विषयों पर कैसे संवाद करते हैं, इसपर विदेश मंत्री ने कहा कि कूटनीति में, विभिन्न देश कभी-कभी अपनी संस्कृति, परंपराओं और कभी-कभी अपनी भाषा या अवधारणाओं को चर्चा में लाते हैं. जयशंकर ने कहा, ‘‘यह भी स्वाभाविक है कि अलग-अलग दृष्टिकोण होंगे. कूटनीति का मतलब इसे सुलझाने और किसी तरह की सहमति पर पहुंचने का रास्ता ढूंढना है.'' जयशंकर ने कहा कि हालांकि कुछ मुद्दे होते हैं जब स्पष्टता होती है और कोई भ्रम नहीं होता है. उन्होंने आतंकवाद का उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘आप इसे किसी भी भाषा में ले सकते हैं, लेकिन आतंकवादी किसी भी भाषा में आतंकवादी ही होता है.'' उन्होंने परोक्ष तौर पर चीन की ...

किसी भी भाषा में ‘एक आतंकवादी आतंकवादी ही होता है’ : सिंगापुर में बोले एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने परोक्ष तौर पर चीन पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि किसी भी भाषा में ‘‘एक आतंकवादी, आतंकवादी ही होता है'' और अलग-अलग व्याख्या के आधार पर आतंकवाद का बचाव करने नहीं दिया जाना चाहिए. जयशंकर ने यह टिप्पणी सिंगापुर में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान की. जब उनसे पूछा गया कि भारतीय अधिकारी अपने वैश्विक समकक्षों के साथ संवेदनशील और भाषाई रूप से भिन्न विषयों पर कैसे संवाद करते हैं, इसपर विदेश मंत्री ने कहा कि कूटनीति में, विभिन्न देश कभी-कभी अपनी संस्कृति, परंपराओं और कभी-कभी अपनी भाषा या अवधारणाओं को चर्चा में लाते हैं. जयशंकर ने कहा, ‘‘यह भी स्वाभाविक है कि अलग-अलग दृष्टिकोण होंगे. कूटनीति का मतलब इसे सुलझाने और किसी तरह की सहमति पर पहुंचने का रास्ता ढूंढना है.'' जयशंकर ने कहा कि हालांकि कुछ मुद्दे होते हैं जब स्पष्टता होती है और कोई भ्रम नहीं होता है. उन्होंने आतंकवाद का उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘आप इसे किसी भी भाषा में ले सकते हैं, लेकिन आतंकवादी किसी भी भाषा में आतंकवादी ही होता है.'' उन्होंने परोक्ष तौर पर चीन की ...

पाकिस्तान में भगत सिंह को न्याय दिलाने के लिए उनका मुकदमा दोबारा शुरू करने की मांग

 अविभाजित भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों- भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव- की 93वीं बरसी पर यहां शनिवार को उनके समर्थकों और अनुयायियों ने उन्हें न्याय सुनिश्चित करने के लिए उनका मुकदमा उसी तरह फिर से शुरू करने की मांग की, जैसा पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के मामले में किया गया. ब्रिटिश शासकों ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को हुकूमत के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में मुकदमा चलाने के बाद 23 मार्च, 1931 को यहां शादमान चौक पर फांसी दे दी थी. भगत सिंह को शुरू में आजीवन कारावास की सजा दी गई थी, लेकिन बाद में एक और 'मनगढ़ंत मामले' में मौत की सजा सुनाई गई. उन्हें पूरे उपमहाद्वीप में न केवल सिख और हिन्दू, बल्कि मुसलमान भी सम्मान की नजर से देखते हैं. भगत सिंह की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने बैनर लेकर और नारे लगाते हुए शहीद-ए-आजम के लिए न्याय की मांग की. इस अवसर पर भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन, पाकिस्तान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शादमान चौक पर मोमबत्तियां जलाई गईं. कार्यक्रम के दौरान एक प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें न्यायालय से भगत सिंह क...

इजराइल-फलस्तीन मुद्दे का द्वि-राष्ट्र समाधान होना चाहिए: जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मौजूदा इजराइल-फलस्तीन संघर्ष का हल निकालने के लिए द्वि-राष्ट्र समाधान की बात को शनिवार को दोहराया. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का स्थायी हल निकालने के लिए प्रयास जारी हैं. जयशंकर ने हालांकि इन प्रयासों के बारे में बताने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वह इसके बारे में सार्वजनिक रूप से नहीं बोल सकते. उन्होंने कहा, “लेकिन हम (भारत) उन कुछ देशों के प्रयासों का बहुत समर्थन करते हैं जो वर्तमान स्थिति से बाहर निकलने का रास्ता खोजने के लिए अभी काम कर रहे हैं.'' सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा पर आये जयशंकर से सिंगापुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय (एनयूएस) के दक्षिण एशियाई अध्ययन संस्थान (आईएसएएस) में उनकी पुस्तक ‘व्हाई भारत मैटर्स' पर व्याख्यान सत्र के बाद पूछा गया था कि इजराइल और फलस्तीन की स्थिति के बारे में उनकी क्या राय है और इसका क्या समाधान हो सकता है. जयशंकर ने कहा कि भारत की स्थिति इस संबंध में बहुत स्पष्ट है कि सात अक्टूबर (पिछले साल) को जो हुआ वह ‘‘आतंकवाद'' था. सात अक्टूबर, 2023 को गाजा पट्टी से हमास के आतंकवादियों ने जमीन, समुद्री और हवाई ...

इजराइल-फलस्तीन मुद्दे का द्वि-राष्ट्र समाधान होना चाहिए: जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मौजूदा इजराइल-फलस्तीन संघर्ष का हल निकालने के लिए द्वि-राष्ट्र समाधान की बात को शनिवार को दोहराया. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का स्थायी हल निकालने के लिए प्रयास जारी हैं. जयशंकर ने हालांकि इन प्रयासों के बारे में बताने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वह इसके बारे में सार्वजनिक रूप से नहीं बोल सकते. उन्होंने कहा, “लेकिन हम (भारत) उन कुछ देशों के प्रयासों का बहुत समर्थन करते हैं जो वर्तमान स्थिति से बाहर निकलने का रास्ता खोजने के लिए अभी काम कर रहे हैं.'' सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा पर आये जयशंकर से सिंगापुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय (एनयूएस) के दक्षिण एशियाई अध्ययन संस्थान (आईएसएएस) में उनकी पुस्तक ‘व्हाई भारत मैटर्स' पर व्याख्यान सत्र के बाद पूछा गया था कि इजराइल और फलस्तीन की स्थिति के बारे में उनकी क्या राय है और इसका क्या समाधान हो सकता है. जयशंकर ने कहा कि भारत की स्थिति इस संबंध में बहुत स्पष्ट है कि सात अक्टूबर (पिछले साल) को जो हुआ वह ‘‘आतंकवाद'' था. सात अक्टूबर, 2023 को गाजा पट्टी से हमास के आतंकवादियों ने जमीन, समुद्री और हवाई ...

रूस और चीन ने सुरक्षा परिषद में गाजा में 'सीजफायर' को लेकर अमेरिका के प्रस्ताव पर वीटो किया

रूस और चीन ने शुक्रवार को गाजा में युद्धविराम (Ceasefire) पर सुरक्षा परिषद (Security Council) में अमेरिका के नेतृत्व वाले मसौदा प्रस्ताव को वीटो कर दिया. साथ ही मॉस्को ने वाशिंगटन पर इजरायल पर दबाव नहीं डालने और "पाखंड का तमाशा" करने का आरोप लगाया. इजरायल के मुख्य सहयोगी अमेरिका ने युद्धविराम की पिछली अपीलों को वीटो कर दिया था. उसने अब इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया है जिसमें पहली बार "तत्काल और निरंतर युद्धविराम की अनिवार्यता" का समर्थन किया गया है और सात अक्टूबर के हमले के लिए हमास की निंदा करने की बात है. प्रस्ताव पर रूस और चीन ने अपने वीटो का प्रयोग किया, अल्जीरिया ने भी इसके खिलाफ मतदान किया और गुयाना गैरमौजूद रहा. सुरक्षा परिषद के अन्य 11 सदस्यों ने पक्ष में मतदान किया, जिनमें स्थायी सदस्य फ्रांस और ब्रिटेन भी शामिल हैं. रूस के राजदूत वासिली नेबेंज़िया ने कहा कि अमेरिका इजरायल पर लगाम लगाने के लिए कुछ नहीं कर रहा है. उन्होंने "गाजा को पृथ्वी से लगभग मिटा दिए जाने" के बाद युद्धविराम की बात करने के लिए वाशिंगटन का मज़ाक उड़ाया. उन्होंने कहा, "हमने ए...

सर्वोच्च पुरस्कार और राजा का निजी रात्रिभोज, पीएम मोदी के प्रति भूटान में खास सम्मान का भाव

भूटान (Bhutan) की यात्रा पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को वहां के राजा ने निजी रात्रिभोज दिया. इसके साथ-साथ उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया. प्रधानमंत्री मोदी की इस हिमालयी राष्ट्र की राजकीय यात्रा के दौरान भूटान के तीन खास भाव देखे गए. यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री की मेजबानी के5 निवास लिंगकाना पैलेस में की गई है. इसके अलावा, इससे पहले किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को भूटान के राजा ने निजी रात्रिभोज नहीं दिया है, लेकिन अतिथि के रूप में पीएम मोदी की मौजूदगी में यह परंपरा तोड़ दी गई. यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री को भूटान की ओर से सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिया गया. इसके साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी पहले विदेशी नागरिक हैं जिन्हें भूटान ने यह पुरस्कार दिया. निर्धारित रैंकिंग और प्राथमिकता के मुताबिक, 'ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो' ऐसा सम्मान है जिसमें जीवन भर की उपलब्धियों के लिए अलंकृत किया जाता है. यह भूटान का सर्वोच्च सम्मान है. अपनी स्थापना के बाद से यह पुरस्कार सिर्फ चार प्रतिष्ठित हस्तियों को प्रदान किया गया है. ...