टइटनक क मलब दखन गई पनडबब लपत.. पच लग ह सवर 96 घट क ह बच ह ऑकसजन

दुनिया की सबसे चर्चित पानी के जहाजों में से एक टाइटैनिक एक बार फिर चर्चा में है. दरअसल अटलांटिक महासागर की गहराइयों में डूबे इस जहाज को देखने के लिए रविवार को एक टूरिस्ट पनडुब्बी में सवार होकर पांच लोग गए थे, लेकिन ये पनडुब्बी अब लापता हो गई है. अब हालत ये है कि बचावकर्ता इस पनडुब्बी को खोजने के लिए करीब-करीब समय के खिलाफ रेस कर रहे हैं. बता दें कि इस टूरिस्ट पनडुब्बी का नाम सिर्फट टाइटन है और समंदर में गोता लगाने के पौने दो घंटे से भी कम समय में उसका संपर्क टूट गया. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक इस पनडुब्बी की रेंज 96 घंटे की होती है और इसमें 70 घंटे का ऑक्सीजन रहता है. अब कई सरकारी एजेंसियां, अमेरिका-कनाडा की नेवी फोर्स और व्यवसायिक रूप से समंदर की गहराई में जाने वाली कंपनियां इस पनडुब्बी की खोज में लगी है.

पनडुब्बी में सवार हैं दो अरबपति कारोबारी
टूर कंपनी ओशियनगेट की इस छोटी पनडुब्बी में पांच लोग सवार थे. जिसमें पायलट भी शामिल है. इस पनडुब्बी में पाकिस्तान के अरबपति कारोबारी शहज़ादा दाऊद और उनके बेटे सुलेमान और ब्रिटिश कारोबारी हामिश हार्डिंग भी शामिल हैं. हार्डिंग ने यात्रा पर जाने से पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर कहा था- "मुझे ये बताते हुए गर्व हो रहा है कि मैं टाइटैनिक के मलबे तक जाने वाले अभियान का हिस्सा हूं". शहज़ादा दाऊद के बारे में बताया जा रहा है कि वे पाकिस्तान के सबसे अमीर परिवारों में से एक से हैं. वो एसईटीआई इंस्टीट्यूट के ट्रस्टी भी हैं.  पनडुब्बी के पायलट का नाम पॉल हेनरी है और वे फ्रांस के रहने वाले हैं.

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पनडुब्बी का किराया 2 करोड़ 28 लाख से ज्यादा
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इस पनडुब्बी में सफर के लिए एक पर्यटक को 2 करोड़ 28 लाख से ज्यादा की रकम चुकानी होती है. ये यात्रा न्यूफाउंडलैंड के सैंट जॉन्स से शुरू होती है. टाइटैनिक के मलबे तक पहुंचने और वापस आने की संपूर्ण डुबकी में आठ घंटे तक का समय लगता है. ओशियनगेट की वेबसाइट के मुताबिक़ उसके पास तीन पनडुब्बियां हैं, लेकिन सिर्फट टाइटन ही टाईटैनिक के मलबे तक पहुंचने में सक्षम है. इस पनडुब्बी का वजन 10432 किलो है और कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक ये 13100 फीट की गहराई तक पहुंच सकती है. इस पनडुब्बी में पांच यात्रियों के लिए 96 घंटे की जीवनरक्षक ऑक्सीजन होती है.

साल 1912 में टाइटैनिक के साथ हुआ था भीषण हादसा
बता दें कि साल 1912 में ब्रिटेन से अमेरिका जा रहा टाइटैनिक रास्ते में एक आइसबर्ग से टकरा गया था. इस जहाज पर कुल 2200 लोग सवार थे, जिनमें से लगभग 1500 लोग मारे गए थे. साल 1985 में टाइटैनिक जहाज का मलबा मिला था और तब से ही इस मलबे को देखने के लिए खोजी अभियान जाते रहते हैं.

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