रूस के लिए आर्मेनिया बनेगा क्या नया यूक्रेन? मगर भारत का है दोस्त, कैसे बढ़ रही टेंशन

आर्मेनिया की तरह ही अजरबैजान भी सोवियत संघ का हिस्सा था. 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद रूस की सेना और संसाधन वहीं उलझ गए. मॉस्को अब दो मोर्चे नहीं संभाल सकता था. इसलिए रूस ने काराबाख में हस्तक्षेप नहीं किया और सिर्फ "शांति की अपील" करता रहा.

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