अर्जेंटीना विश्व स्वास्थ्य संगठन छोड़ेगा, डोनाल्ड ट्रंप के प्रशंसक हैं यहां के राष्ट्रपति
संयुक्त राज्य अमेरिका के नक्शेकदम पर चलते हुए, राष्ट्रपति जेवियर माइली के कार्यालय ने बुधवार को कहा कि अर्जेंटीना विश्व स्वास्थ्य संगठन से बाहर निकल जाएगा. अमेरिका ने पिछले महीने ही संयुक्त राष्ट्र एजेंसी से बाहर निकलने की घोषणा की थी. माइली का निर्णय "विशेष रूप से कोविड -19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य प्रबंधन के संबंध में गहरे मतभेदों" पर आधारित है. प्रवक्ता मैनुअल एडोर्नी ने संवाददाताओं से कहा, अर्जेंटीना "किसी अंतरराष्ट्रीय निकाय को हमारी संप्रभुता में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देगा."
स्व-घोषित "अराजक-पूंजीवादी" माइली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक घोषित प्रशंसक हैं. उन्होंने 20 जनवरी को अपने ट्रंप के शपथ लेने के कुछ घंटों के भीतर ही डब्ल्यूएचओ से हटने के आदेश पर हस्ताक्षर किए थे.
डब्ल्यूएचओ को सबसे ज्यादा फंड वाशिंगटन से ही अब तक मिलता रहा है. ट्रंप ने दावा किया था कि डब्ल्यूएचओ ने "हमें धोखा दिया है", और अमेरिका के साथ छोड़ने से डब्ल्यूएचओ को धन की कमी हो सकती है.
दिसंबर 2023 में पदभार ग्रहण करने के बाद से, माइली ने वर्षों के अधिक खर्च करने की सरकारों की आदत को बदलते हुए शून्य बजट घाटा बनाए रखने की कसम खाई और सार्वजनिक खर्च को ख़त्म कर दिया है.
अनुमान है कि उनके इन उपायों ने लाखों लोगों को गरीबी में धकेल दिया है, लेकिन देश ने 2024 में अपना अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड सरप्लस भी दर्ज किया है. रिपब्लिकन की नवंबर के अमेरिकी चुनाव में जीत के बाद माइली अपने मार-ए-लागो फ्लोरिडा एस्टेट में ट्रंप से मिलने वाली पहले विदेशी नेता थे.
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