महिला को नहीं था कैंसर, फिर भी डॉक्टरों ने कर दी कीमोथेरेपी, जांच में हुई थी ये लापरवाही

टेक्सास में दो बच्चों की मां एक कष्टदायक पीड़ा सहने के बाद ठीक हो रही है. 39 वर्षीय लिसा मोंक को 2023 की शुरुआत में ब्लड कैंसर के एक दुर्लभ रूप का पता चला था. द न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, मोंक को कठिन कीमोथेरेपी उपचार से गुजरना पड़ा. हालांकि, उनके इलाज के कुछ ही सप्ताह बाद, एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ. मोंक को कभी कैंसर नहीं था.

मोंक की तकलीफ़ पेट दर्द से शुरू हुई. एक स्कैन में उसकी तिल्ली पर एक पानी होने का पता चला, जिसके कारण परीक्षण शुरू हुई. समाचार रिपोर्ट के अनुसार मोंक ने अपने प्रियजनों को पत्र लिखकर एक ऐसे भविष्य की तैयारी की, जिसके बारे में उन्हें डर था कि वह उसे नहीं देख पाएंगी.

उच्च शिक्षा कर्मी लिसा याद करती हैं, "जब डॉक्टर ने मुझे बताया कि यह कैंसर है, तो मैं सदमे में चली गई. मुझे बताया कि यह घातक है." लिसा ने कहा, "मुझे घर जाना पड़ा और अपने दोनों बच्चों को बताना पड़ा. लेकिन मैं इससे लड़ने की कोशिश कर रहा था."

एक कैंसर अस्पताल में रेफर किए जाने पर मोंक ने मार्च में कीमोथेरेपी शुरू की. उपचार से भारी नुकसान हुआ, जिससे बाल झड़ने लगे, कमजोरी होने लगी. लेकिन दूसरे दौर में कुछ ही हफ्ते बाद उसकी दुनिया उलट गई. उनकी पैथोलॉजी रिपोर्ट की समीक्षा में एक गंभीर त्रुटि सामने आई और मोंक को कैंसर नहीं था.

 इस खबर ने मोंक को झकझोर कर रख दिया है. लेकिन राहत भी मिली है.  मोंक ने कहा कि मैंने सबसे पहले नर्स प्रैक्टिशनर को देखा, और उसने मुझसे मेरे लक्षणों के बारे में पूछा, और जब वह मुझसे बात कर रही थी तो वह कंप्यूटर पर स्क्रॉल कर रही थी. अचानक वह बात करना बंद कर देती है और उसके चेहरे का भाव बदल जाता है.

लिसा ने कहा, "वह मेरी ओर मुड़ी और पूरी तरह से भयभीत दिखी और मुझसे कहा कि उसे डॉक्टर को बुलाने की जरूरत है और फिर कमरे से बाहर भाग गई. उसने मुझे लगभग 15 मिनट के लिए अकेला छोड़ दिया, और डॉक्टर वापस आ गए. उन्होंने मुझे बहुत सारी चिकित्सीय भाषा में कहा और फिर मुझे बताया कि मुझे कैंसर नहीं है."



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