गाजा में इजरायल सेना ने किए ताबड़तोड़ हवाई हमले, जवाब में हमास ने दागे रॉकेट; जंग के 10 अपडेट

  1. इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) का कहना है कि हमास का मेन ऑपरेशन बेस यानी मुख्य ठिकाना गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल शिफा अस्पताल के नीचे है. IDF ने इससे जुड़ी सैटेलाइट इमेज जारी की है.
  2.  हमास ने कहा कि उसने फिलिस्तीनी क्षेत्र पर इजरायल की भीषण बमबारी के बाद जवाबी कार्रवाई में रॉकेट दागे. हमास की आर्म्ड विंग 'इज़ेदीन अल-क़सम ब्रिगेड' ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा, "नागरिकों के नरसंहार के जवाब में इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों को टारगेट करते हुए रॉकेट से हमले किए गए.
  3. अलजजीरा के मुताबिक, कतर की मध्यस्थता में इजरायल और हमास के बीच सीजफायर और प्रीजनर स्वैप एग्रीमेंट पर बातचीत हो रही है. हालांकि, हमास का कहना है कि जब तक सीजफायर नहीं होता तब तक बंधकों को नहीं छोड़ा जाएगा.
  4. जंग में अब तक UN के 57 कर्मियों की मौत हो चुकी है. इजरायल-हमास जंग में 20 ज्यादा पत्रकारों को जान गंवानी पड़ी है. गाजा में 7 अक्टूबर के बाद से अब तक कुल 19 जर्नलिस्ट्स मारे गए हैं. ये सभी फिलिस्तीनी मूल के थे. जबकि एक जर्नलिस्ट की 22 अक्टूबर को मौत की पुष्टि हुई.
  5.  जब उत्तरी गाजा में हवाई हमले चल रहे थे, तब इजरायल के कई शहरों में रॉकेट चेतावनी सायरन बज रहे थे. शुक्रवार को रॉकेट हमलों में सेंट्रल तेल अवीव को निशाना बनाया गया.
  6. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि गाजा पट्टी मानवीय पीड़ा का सामना कर रहा है. यहां भोजन, पानी और बिजली की कमी हो गई है. गुटेरेस ने एक बयान में कहा, "मैं युद्धविराम, सभी बंधकों की बिना शर्त रिहाई और जीवन रक्षक आपूर्ति की डिलीवरी के लिए अपनी अपील दोहराता हूं."
  7. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास और ISIS को बीमार करार दिया है. नेतन्याहू ने कहा, "हमास-ISIS बीमार है. उन्होंने अपने आतंक के लिए अस्पतालों को मुख्यालय में बदल दिया है. हमने इसे साबित करने वाली खुफिया जानकारी जारी की है." 
  8.  इस बीच इजरायल जंग में स्पंज बम का इस्तेमाल कर रहा है. गाजा में हमास सुरंगों से हमले कर रहा है. यहां तक इजरायली सेना की पहुंच नहीं है. ऐसे में इन हमलों से बचने के लिए इजरायल ने स्पंज बम बनाए हैं. फोम से बने ये बम फटने के बाद ज्यादा से ज्यादा जगह में फैल जाता है और सख्त हो जाता है.
  9. इसके साथ ही इजरायल केमिकल ग्रेनेड की टेस्टिंग भी कर रहा है. इनमें कोई एक्सप्लोसिव नहीं होता, लेकिन इसका इस्तेमाल सुरंगों की एंट्रेंस या किसी तरह के गैप को बंद करने में होता है.
  10.  इस बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) का कहना है कि गाजा को जितनी मदद की जरूरत है, उतनी मदद नहीं दी जा रही है. अब तक सिर्फ 84 ट्रक राहत सामग्री लेकर पहुंचे हैं. वहां रह रहे 23 लाख लोगों के लिए ये बेहद ही कम है


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