अमेरिका में बुरे हाल में मिली हैदराबाद की महिला को इंडियन कॉन्सुलेट ने भारत पहुंचाने की पेशकश की

अमेरिका के शिकागो में भारत के महावाणिज्य दूतावास (Consulate General of India) ने शनिवार को हैदराबाद की उस महिला को चिकित्सा और यात्रा सहायता की पेशकश की, जो पिछले सप्ताह सड़कों पर भुखमरी की हालत में पाई गई थी. भारतीय काउंसलेट ने कहा कि वह "फिट" है.

वाणिज्य दूतावास ने एक ट्वीट में कहा, "खुशी है कि हम सैयदा जैदी से संपर्क कर सके और उन्हें चिकित्सा सहायता व भारत की यात्रा में मदद की पेशकश की. वह फिट हैं और उन्होंने भारत में अपनी मां से बात की है. उन्होंने अभी तक भारत लौटने के लिए हमारे समर्थन के प्रस्ताव का जवाब नहीं दिया है. हम उन्हें हर संभव सहायता देने के लिए तैयार हैं.''

मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए अमेरिका गईं सैयदा लुलु मिन्हाज जैदी एक हफ्ते पहले शिकागो में सड़कों पर भुखमरी की हालत में देखी गई थीं. जांच से पता चला कि उनका सारा सामान चोरी हो गया था और वे अवसाद में थीं.

उनकी बुरी हालत के बारे में तेलंगाना की पार्टी मजलिस बचाओ तहरीक (MBT) के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने खुलासा किया था.

सैयदा जैदी को सड़कों पर देखे जाने के बाद उनकी मां सैयदा वहाज फातिमा ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा था और उनसे "तुरंत हस्तक्षेप करने" और उनकी बेटी को "जितनी जल्दी हो सके" वापस लाने का आग्रह किया था.

उन्होंने पत्र में लिखा था कि, "मेरी बेटी सैयदा लुलु मिन्हाज जैदी अगस्त 2021 में अमेरिका के डेट्रॉइड में ट्राइन यूनिवर्सिटी में इनफर्मेशन साइंस में मास्टर डिग्री की पढ़ाई करने गई थी... वह हमारे संपर्क में थी. पिछले दो महीनों से वह हमारे संपर्क में नहीं थी. हाल ही में दो हैदराबादी युवकों के माध्यम से हमें पता चला कि मेरी बेटी गहरे अवसाद में है, उसका सारा सामान चोरी हो गया है, जिसके कारण वह भुखमरी की कगार पर है और शिकागो की सड़कों पर देखी जा रही है.''

उन्होंने लिखा था कि, "अनुरोध है कि कृपया अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास  और शिकागो में भारतीय वाणिज्य दूतावास से तुरंत हस्तक्षेप करने और मेरी बेटी को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए कहें. इस संबंध में की गई आवश्यक कार्रवाई के बारे में सूचित करें."

एमबीटी के प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से सैयदा जैदी को भारत वापसी की सुविधा देने के लिए अपील की थी. उन्होंने कहा कि, "मेरे ट्वीट के बाद मुझे विदेश मंत्रालय और शिकागो में भारतीय वाणिज्य दूतावास से जवाब मिला कि वे तुरंत यात्रा करने की स्थिति में नहीं हैं."

प्रवक्ता ने कहा कि, "हम उसकी देखभाल के लिए उसके माता-पिता को शिकागो भेजने की कोशिश कर रहे हैं. माता-पिता के पास पासपोर्ट नहीं है. हमने आईटी मंत्री केटीआर (तेलंगाना) से अपील की है कि वे उन्हें हैदराबाद में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से पासपोर्ट और वीजा दिलाने में मदद करें. कई व्यक्ति और संगठन उनकी अमेरिका यात्रा में मदद के लिए आगे आए हैं.''

अमजद उल्लाह खान ने कहा, "हमें सरकार से भी त्वरित प्रतिक्रिया मिली. हम एस जयशंकर और शिकागो में भारतीय वाणिज्य दूतावास और उन सभी संगठनों को धन्यवाद देते हैं जो उनकी मदद के लिए आगे आए हैं."

एमबीटी प्रवक्ता ने पहले ट्वीट किया था, "हैदराबाद की सैयदा लुलु मिन्हाज जैदी ट्राइन यूनिवर्सिटी, डेट्रॉयट से एमएस करने गई थीं. उन्हें शिकागो आईएल में बहुत बुरी हालत में पाया गया था. उनकी मां ने डॉ एस जयशंकर से उनकी बेटी को वापस लाने की अपील की है. हम तत्काल मदद की सराहना करेंगे."



from NDTV India - World https://ift.tt/ahSn7R3

Comments

Popular posts from this blog