"यह कठिन होगा लेकिन कोई रास्ता नहीं था", मेटा में छंटनी को लेकर मार्क ज़ुकरबर्ग

फेसबुक की मूल कंपनी मेटा अपने 10,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी में हैं.  साथ ही कंपनी 5,000 रिक्त पदों पर नियुक्ति भी नहीं करेगी. जुकरबर्ग ने कहा कि यह मुश्किल होगा और लेकिन इससे बचने का कोई रास्ता नहीं था. इस ले ऑफ का मतलब प्रतिभाशाली और जोशीले सहयोगियों को अलविदा कहना होगा, जो हमारी सफलता का हिस्सा रहे हैं. 
बताते चलें कि कंपनी ने मेटावर्स पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कई अरब डॉलर का निवेश किया है. कंपनी ने ऑनलाइन विज्ञापन बाजार में गिरावट और टिकटॉक जैसे प्रतिद्वंद्वियों से प्रतिस्पर्धा से प्रभावित होकर चौथी तिमाही में कम लाभ और राजस्व दर्ज किया था. इससे पहले कंपनी ने नवंबर में 11,000 नौकरियां खत्म करने की घोषणा की थी.

बताते चलें कि साल 2022 के अंत और 2023 के शुरुआत में दुनिया भर में कई बड़ी कंपनियों की तरफ से ले ऑफ किए जा रहे हैं. प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने दुनियाभर में 12,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला लिया था. माइक्रोसॉफ्ट ने भी हजारों कर्मचारियों की छंटनी की थी. वहीं ट्विटर सहित अन्य कंपनियों में छंटनी की खबर सामने आई थी.

गौरतलब है कि  मेटावर्स पर बड़ा दाव खेलने को लेकर जुकरर्बग की कंपनी दबाव में है. इनसाइडर इंटेलिजेंस एनालिस्ट जैस्मीन एनबर्ग ने कहा कि जुकरबर्ग ने निवेशकों से वादा किया था कि 2023 मेटा के लिए दक्षता का वर्ष होगा और उन्हें उस पर अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है. साथ ही उन्होंने कहा कि मेटा जानता है कि उसे अपनी दूरगामी और महंगी मेटावर्स महत्वाकांक्षाओं को कम करने की जरूरत है

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