विश्व राजनीति को प्रभावित करने वाले भारतीय मूल के नेताओं में निकी हेली शामिल, इन भारतवंशियों ने छोड़ी छाप..
ऐसे समय जब रिपब्लिकन पार्टी की नेता निकी हेली ने 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अपनी उम्मीदवारी की दावेदारी की औपचारिक घोषणा कर दी है, वह भारतीय मूल के उन नेताओं की लंबी सूची में शामिल हो गई हैं जिनका वर्तमान में विश्व की महत्वपूर्ण राजधानियों में राजनीति पर प्रभाव है. अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बढ़ते प्रभाव को कमला हैरिस की सफलता में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है, जो देश की पहली महिला और पहली अश्वेत उपराष्ट्रपति बनीं. वह 2017 से 2021 तक कैलिफोर्निया की सीनेटर थीं. डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता कमला हैरिस ने 2011 से 2017 तक कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल के रूप में भी काम किया. उनका जन्म कैलिफोर्निया में हुआ था और उनके माता-पिता भारतीय तथा जमैका मूल के थे. नवंबर में महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनाव में, सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के रिकॉर्ड पांच भारतीय-अमेरिकी सांसद- राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, अमी बेरा और श्री थानेदार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए. कैलिफोर्निया से एक प्रमुख नेता हरमीत ढिल्लों ने हाल ही में रिपब्लिकन नेशनल कमेटी (आरएनसी) की अध्यक्षता के लिए चुनाव लड़ा था.
इसी तरह ऋषि सुनक पिछले साल ब्रिटेन के भारतीय मूल के पहले प्रधानमंत्री बने थे. वह 210 वर्षों में सबसे कम उम्र के ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं. वह ब्रिटेन के पहले हिंदू प्रधानमंत्री भी हैं. भारत के गोवा मूल की सुएला ब्रेवरमैन उनकी गृह मंत्री के रूप में कार्यरत हैं. सुनक के पूर्ववर्ती बोरिस जॉनसन के मंत्रिमंडल में प्रीति पटेल गृह मंत्री थीं. वहीं, आलोक शर्मा जॉनसन कैबिनेट में अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री थे.
आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो एरिक वरदकर भी भारतीय मूल के हैं. वरदकर अशोक और मरियम वरादकर की तीसरी संतान और इकलौते पुत्र हैं. उनके पिता मुंबई में पैदा हुए थे और 1960 के दशक में ब्रिटेन चले गए थे. एंटोनियो कोस्टा 2015 से पुर्तगाल के प्रधानमंत्री हैं. वह आधे भारतीय और आधे पुर्तगाली हैं. कनाडा की रक्षा मंत्री अनीता आनंद के माता-पिता भारतीय थे. उनके पिता तमिलनाडु से थे और उनकी मां पंजाब से थीं. आनंद के अलावा, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के मंत्रिमंडल में दो और भारतीय मूल के सदस्य हैं- हरजीत सज्जन और कमल खेरा. प्रियंका राधाकृष्णन न्यूजीलैंड में मंत्री बनने वाली भारतीय मूल की पहली व्यक्ति हैं.
भारतीय मूल के वकील और लेखक प्रीतम सिंह 2020 से सिंगापुर में विपक्ष के नेता के रूप में कार्यरत हैं. देवानंद 'दवे' शर्मा 2019 में ऑस्ट्रेलियाई संसद के सदस्य बनने वाले भारतीय मूल के पहले व्यक्ति बने थे. गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफ़ान अली का जन्म लियोनोरा में एक मुस्लिम भारतीय-गुयाना परिवार में हुआ था. प्रवींद जगन्नाथ जनवरी 2017 से मॉरीशस के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत हैं. उनका जन्म 1961 में एक हिंदू यदुवंशी परिवार में हुआ था. उनके परदादा 1870 के दशक में भारत के उत्तर प्रदेश राज्य से मॉरीशस चले गए थे. वर्ष 2019 से मॉरीशस के राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन का जन्म एक भारतीय आर्य समाज हिंदू परिवार में हुआ था. साल 2021 ‘इंडिस्पोरा गवर्नमेंट लीडर्स लिस्ट' के अनुसार, भारतीय मूल के 200 से अधिक नेताओं ने दुनिया भर के 15 देशों में सार्वजनिक सेवा के उच्च पद संभाले हैं, जिनमें से 60 से अधिक कैबिनेट पद हैं. भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, विश्व में भारतीय मूल के 3.2 करोड़ से अधिक लोग हैं और इस तरह से यह दुनिया में सबसे बड़ी प्रवासी आबादी है.
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