आयुष्मान बोले, लिंग विभेद दूर करने की सिनेमा से हो शुरुआत, बर्लिन के इस बड़े फैसले का दिया उदाहरण

समाज में महिला पुरुष को लेकर तमाम विसंगतियों की मूल वजह अब इस ख्याल को माना जाता है कि समाज ने हर पदनाम को भी स्त्री और पुरुष के नजरिए से देखना शुरू कर दिया।

from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala https://ift.tt/2GC5IXX
via IFTTT

Comments

Popular posts from this blog