संडे बाइस्कोप: इन फिल्मों से समझिए जीवन का असली फलसफा, हैपी एंडिंग के लिए मेहनत पर भरोसा जरूरी

सिनेमा अगर आपके जीवन का हिस्सा बन चुका है तो इसकी परछाई आपके व्यवहार में भी शामिल होती दिख ही जाती है। सिनेमा का सबसे बड़ा सबक यही है कि अगर जीवन में सब कुछ ठीक नहीं हो पाया है तो कहानी भी अभी पूरी नहीं हो पाई है।

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