कभी चपरासी का काम करते थे रामानंद सागर, 'रामायण' ने ऐसे बदल दी जिंदगी लोग करने लगे पूजा
रामानंद सागर ने जब 'रामायण' बनाने के बारे में सोचा, तो उन्हें भी नहीं पता था कि लोग उन्हें पूजने लगेंगे। 80 के दशक में लोगों ने पहली बार इस तरह रामायण की कहानी को छोटे पर्दे पर देखा था।
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